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VIDEO: ‘रेप के आरोपी के घर जाकर दावत खाते हैं योगी’, पीड़िता ने लगाए यूपी सीएम पर आरोप

एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए पीड़ित युवती ने कहा कि पहले की सरकार में इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने जांच में पूरी तरह ढिलाई बरती। पुलिस वालों ने मामले की जांच के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ किया लेकिन इस सरकार में तो केस ही वापस लिया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठे हुए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद(फोटो-सोशल मीडिया)

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आश्रम के प्रमुख स्वामी चिन्मयानंद पर दर्ज बलात्कार का मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी दुखी है। इस मामले की दुष्कर्म पीड़िता ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी चिन्मयानंद से योगी आदित्यनाथ के अच्छे रिश्ते हैं। वो अक्सर उनके आश्रम पर आते हैं। उनके साथ खाना खाते हैं और फोटो भी खिंचवाते हैं। एक राजनीतिक साजिश के तहत चिन्मयानंद पर दर्ज बलात्कार का केस वापस लिया जा रहा है।

एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए पीड़ित युवती ने कहा कि पहले की सरकार में इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने जांच में पूरी तरह ढिलाई बरती। पुलिस वालों ने मामले की जांच के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ किया लेकिन इस सरकार में तो केस ही वापस लिया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है। पीड़िता ने कहा है कि वो अदालत में जाकर भी कहेंगी की वो स्वामी चिन्मयानंद पर से केस वापस नहीं लेना चाहती हैं।

आपको बता दें कि राज्य सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ बीते 25 फरवरी को शहाजहांपुर गए थे। यहां उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम में आयोजित युवा महोत्सव में भाग लिया था। तीन मार्च को स्वामी के जन्मदिन के मौके पर भी कई महत्वपूर्ण लोग स्वामी के आश्रम गए थे जिसमें कई अफसर भी शामिल थे।

यह है मामला: जौनपुर से सांसद बनने के बाद स्वामी चिन्मयानंद वाजपेयी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे। इस दौरान उनके संपर्क में आईं बदायूं निवासी साध्वी चिदर्पिता नामक महिला ने 2011 में उन पर हरिद्वार के आश्रम में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। चिदर्पिता की तहरीर पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में 30 नवंबर 2011 को दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर स्टे दिया था। तब से केस लंबित चला आ रहा है। स्वामी चिन्मयानंद के करीबियों के मुताबिक राजनीतिक साजिश और छवि खराब करने के मकसद से उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।

सुनिए क्या कहा पीड़िता ने:

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