Ram Mandir Donations Controversy: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की है। वे आम तौर पर सीएम योगी की आलोचना करते रहे हैं लेकिन इस बार तारीफ के चलते अविमुक्तेश्वरानंद चर्चा में की है। उन्होंने यह तारीफ सीएम योगी के अयोध्या दौरे पर अपनाए गए रुख पर की क्योंकि इस दौरान किसी भी कार्यक्रम में राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय मौजूद नहीं थे।

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के मामलों की जांच SIT कर रही है। इस मामले में विपक्षी दलों ने ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएम योगी जब भी अयोध्या जाते थे, तो उनके साथ चंपत राय जरूर दिखते थे। इस बार सीएम योगी के अयोध्या दौरे में चंपत राय कहीं नहीं थे। कथित तौर पर सीएम योगी ने चंपत राय से दूरी बनाई है। उनकी इस पहल की स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तारीफ की है।

शंकराचार्य ने क्या-क्या कहा?

दरअसल, उत्तर प्रदेश के शामली में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ के रुख का समर्थन किया और कहा कि चंपत राय को अपने मंच से दूर रखना सही था।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय को अपनी मीटिंग और अपने पास से दूर रखने का जो निर्णय लिया, वह बहुत अच्छा कदम है। हम इसके खुले दिल से प्रशंसा करते हैं।” उन्होंने कहा, “जिस समय किसी व्यक्ति के ऊपर गड़बड़ी के दाग लगे हों, उस समय उसे अपने पास बैठाने का मतलब समाज में अलग जाता है।” शंकराचार्य ने कहा कि सीएम योगी ने कम से कम इतना स्टैंड लिया, यह देखकर अच्छा लगा।

चढ़ावे से जुड़े विवाद पर दिखा गुस्सा

वहीं राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद पर शंकराचार्य ने कहा, “अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई तो डीएम के जरिए एक संदेश क्यों दिलवाया जा रहा है कि संबंधित लोग बैठक में नहीं आएंगे। उनकी जगह प्रतिनिधियों को बैठक में भेजा रहा है।”

उन्होंने कहा कि लगातार मामले से जुड़े लोग पकड़े जा रहे हैं, और ये सारे अहम सबूत हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज क्यों डिलीट किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

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