स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती ने सोमवार को कहा कि यौन शोषण के मुकदमे में अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है तो वह उसका विरोध नहीं करेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन पर और समर्थकों के खिलाफ लगे यौन शोषण के आरोपों का जोरदार खंडन किया। उन्होंने कहा, “वे लड़के कभी हमारे गुरुकुल में नहीं आए, कभी पढ़ाई नहीं की और हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी तथा दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ अदालत के आदेश पर शनिवार देर रात यौन शोषण के आरोप में प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

अविक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में संवाददाताओं से कहा कि अगर पुलिस उन्हें इस मुकदमे के सिलसिले में गिरफ्तार करती है तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे क्योंकि जो झूठ है वह अंत में साबित हो जाएगा। उन्होंने कहा, “पहली अदालत जनता है जो सब देख रही है और वह अपना निर्णय देने वाली है। दूसरा न्यायालय मेरा हृदय है, हम जान रहे हैं कि हम गलत नहीं हैं। तीसरा और सर्वोच्च न्यायालय ईश्वर है। वह सब जानता है कि कौन गलत है और कौन सही। तीनों ही अदालतों से मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है, इसलिए मुझे अब किसी का डर नहीं है।”

सबके सामने आ ही जाएगा सच

अविमुक्तेश्वरनंद ने कहा कि जो झूठ है वह अंत में सामने आ जाता है। उन्होंने कहा, “मेरे विरुद्ध जो कहानी गढ़ी गई है उसका सच आज नहीं तो कल, सबके सामने आ ही जाएगा।” उन्होंने कहा कि माघ मेले के दौरान वह मेले में सीसीटीवी कैमरे और मीडिया के कैमरे के सामने रहे क्योंकि चप्पे-चप्पे पर प्रशासन द्वारा सीसीटीवी लगाया गया था।

अविमुक्तेश्वरनंद ने कहा, “आप लोग वह सीसीटीवी फुटेज निकलवाइये और उसमें देखिए कि मैं कहां था। दूसरा यह कहा जा रहा है कि हमारे गुरुकुल में यह सब हो रहा था। जबकि हमारे गुरुकुल में वे लड़के कभी पढ़े ही नहीं। वे कभी हमारे गुरुकुल में आए तक नहीं। उनके परीक्षा अंक पत्र से पता चलता है कि वे हरदोई के एक विद्यालय के छात्र हैं।”

ब्रह्मचारी ने सवाल किया, “जब वे लड़के हमारे यहां पढ़े नहीं हैं, कभी हमारे यहां आए नहीं है, यहां से कुछ लेना-देना नहीं है तब कैसे उनके साथ कोई कुछ कर सकता है?”

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि एक भ्रम यह भी फैलाया जा रहा है कि आरोप लगाने वालों के पास मेरी किसी रिकॉर्डिंग की एक सीडी है, यदि सीडी है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?

अविमुक्तेश्वरानंद पर क्या आरोप हैं?

शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने सेक्शन 173(4) के तहत अर्जी दी थी जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने गुरुकुल में बच्चों का यौन शोषण किया है। उन्होंने अपने आरोपों को साबित करने के लिए दो बच्चों को भी पेश किया था।

आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका पर अदालत ने शनिवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य आरोपियों पर यौन शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई हुई थी।

‘हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं बता सकता’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि शंकराचार्य बनने की एक निर्धारित प्रक्रिया है और हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं बता सकता। क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर।