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सुशील मोदी ने लालू यादव की बेटी हेमा पर लगाया बेनामी संपत्ति का आरोप लगाया

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार के कथित बेनामी संपत्ति के अपने खुलासे की अगली कडी में लालू की पांचवी पुत्री हेमा यादव पर करीब 1 करोड 40 लाख रूपये की संपत्ति होने का आरोप लगाया है।

Author पटना | June 13, 2017 6:49 PM
भाजपा विधायक सुशील कुमार मोदी

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार के कथित बेनामी संपत्ति के अपने खुलासे की अगली कडी में लालू की पांचवी पुत्री हेमा यादव पर करीब 1 करोड 40 लाख रूपये की संपत्ति होने का आरोप लगाया है। सुशील ने आज यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि हेमा यादव को केवल लालू जी के बीपीएलधारी नौकर ललन चौधरी ने ही 62 लाख रूपये के 7.75 डिसमिल जमीन 13 फरवरी 2014 को दानस्वरूप नहीं दी थी बल्कि उसी दिन पटना के राजेन्द्रनगर स्थित रेलवे के कोचिंग कंपलेक्स में र्कारत खलासी हृदयानंद चौधरी ने भी हेमा यादव को अपनी संपत्ति दान कर दी। उन्होंने बताया कि दान पत्र पर हेमा यादव का पता पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी माता राबडी देवी का पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अंकित है ।

सुशील ने बताया कि ललन चौधरी और हृदयानंद चौधरी द्वारा हेमा को दानस्वरूप दिए गए भूखंड को ललन और हृदयानंद ने एक ही दिन 29 मार्च 2008 को खरीदा था।  उन्होंने बताया कि दोनों को उक्त भूखंड बेचनेवाले दिवंगत देवकी राय के परिवार से हैं । उनके एक पुत्र विशुन देव राय ने ललन चौधरी को और दूसरे पुत्र ब्रजनंदन राय ने हृदयानंद चौधी को 29 मार्च 2008 को मूल्य 4 लाख 21 हजार रूपये और एक ही रकबा 7.76 डिसमिल जमीन बेची।

सुशील ने आरोप लगाया कि हृदयानद चौधरी ने भी स्टांप ड्यूटी के लिए 6 लाख 28 हजार एक ही दिन ललन चौधरी के साथ नकद एसबीआई मुख्य शाखा में जमा कराया । उन्होंने कहा कि ललन चौधरी के दान पत्र पर हृदयानंद चौधरी गवाह है और हृदयानंद के दान पत्र में ललन चौधरी गवाह है यानी एक ही दिन 13 फरवरी 2014 को हेमा यादव 15 डिसमिल पटना शहर की अत्यंत कीमती जमीन का उस समय मूल्य 1 करोड 40 लाख रूपये था । इस जमीन की आज कीमत 5 करोड रूपये से अधिक होगी ।

बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने यह पूछते हुए कि हृदयानंद चौधरी का लालू के परिवार से कोई संबंध नहीं होने के बावजूद उनके द्वारा इतनी कीमती जमीन क्यों दान कर दी गयी। आरोप लगाया कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्री रहते जिनको नौकरी ठेका या अन्य तरीके से मदद की उनसे सीधे जमीन लिखवा लिया या ललन चौधरी अथवा हृदयानंद चौधरी जैसे लोगों का इस्तेमाल कर उनके नाम जमीन लिखवा ली और बाद में परिवार के सदस्यों को दान करवा दिया ।

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