Surat thief left not after stealing gold ornaments from farmer house, wrote- will return in some days - गहने चोरी कर चिट्ठी में लिखा- कुछ दिन में लौटा दूंगा, मालिक ने किया भरोसा पर नहीं लौटा चोर - Jansatta
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गहने चोरी कर चिट्ठी में लिखा- कुछ दिन में लौटा दूंगा, मालिक ने किया भरोसा पर नहीं लौटा चोर

चेतन पटेल के यहां 22 फरवरी को चोरी हुई थी। लेकिन उन्‍होंने गुरुवार (23 मार्च) को इसकी रिपोर्ट पुलिस में दी।

Author सूरत | March 23, 2017 8:22 PM
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गुजरात के सूरत में चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां पर एक शख्‍स ने गहनों की चोरी के बाद चोर के लिखे हुए नोट पर भरोसा करते हुए लगभग एक महीने तक रिपोर्ट ही नहीं लिखाई। लेकिन अब उसने पुलिस में चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। शहर के अदजन इलाके में रहने वाले चेतन पटेल के यहां 22 फरवरी को चोरी हुई थी। लेकिन उन्‍होंने गुरुवार (23 मार्च) को इसकी रिपोर्ट पुलिस में दी। पेशे से किसान चेतन 22 फरवरी को पत्‍नी के साथ पैतृक गांव ओलपड़ गए थे। उनकी पत्‍नी चंदा ने गहनों को अलमारी की तिजोरी में रखा था। रात को जब वे वापस लौटे तो चंदा को तिजोरी में गहने नहीं मिले।

इस पर उन्‍होंने पति चेतन को इस बारे में बताया। दोनों ने घर में अलग-अलग हिस्‍सों में गहने तलाशे लेकिन वे नहीं मिले। अगली सुबह यानि 23 फरवरी को उन्‍हें गुजराती में लिखा हुआ एक नोट मिला। यह नोट चोर ने छोड़ा था। इसमें लिखा था, ”मैंने सोने के गहने लिए हैं। कृपया अपनी नौकरानी को दोषी मत मानिएगा। मैं कुछ दिन बाद गहने लौटा दूंगा।”

यह नोट पढ़कर शुरू में तो चेतन और चंदा चौंक गए लेकिन उन्‍होंने चोर की लिखी बातों पर भरोसा किया। लेकिन गहने वापस नहीं आए। इस पर गुरुवार सुबह (23 मार्च) को चेतन पटेल ने पुलिस से संपर्क किया। रिपोर्ट में उन्‍होंने बताया कि तिजोरी में कोई नकदी नहीं थी। केवल 1.20 लाख रुपये मूल्‍य के गहने चोरी हुए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

इंडियन एक्‍सप्रेस को चेतन ने बताया, ”मेरी पत्‍नी अलमारी की तिजोरी में गहने रखा करती थी। इसकी चाबी मेट्रेस के नीचे रखी जाती थी। एक साल से हमारे यहां रवीना नाम की एक लड़की घर का काम करती है। हाल ही में उसने कुछ कारणों से काम छोड़ दिया। हमें शक है कि कोई छत्‍त के रास्‍ते से घर में घुसा। उसे अलमारी और चाबी का पता था। मेरी पत्‍नी ने नौकरानी से बात की लेकिन उसने गहने लेने से इनकार किया है। हमने एक महीने तक इंतजार किया लेकिन लेकिन गहने नहीं मिलने पर पुलिस की मदद ली।”

अदजन थाने के इंस्‍पेक्‍टर एमएम दीवान ने बताया कि वे नोट वाली बात सुनकर हैरान रह गए। नोट की भाषा से पता चलता है कि वह व्‍यक्ति ज्‍यादा पढ़ा लिखा नहीं है। जिस कागज पर यह बात लिखी है वह किसी बच्‍चे की नोटबुक से फाड़ा गया है। नौकरानी से भी बात की गई है लेकिन चोरी से इनकार किया है। वह अनपढ़ भी है। शक है कि परिवार का कोई जानकार ही मामले में शामिल हैं।

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