Surajkund Mela Tragedy: फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में शनिवार शाम झूला गिरने से एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। मृतक की पहचान इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि झूला गिरने के बाद जब उसका एक हिस्सा उन पर गिर गया तो वे बचाव कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे थे।
पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर और अन्य घायलों को इलाज के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल ले जाया गया। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की बाद गंभीर चोट लगने के कारण मौत हो गई।
डिप्टी कमिश्नर आयुष सिंह ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कुल 13 लोग घायल हुए। जिनमें से एक की मौत हो गई। यह बहुत दुखद है। हम संबंधित वेंडर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
हरियाणा के मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड के मेले में आज लगभग 6:15 बजे बजे के करीब इस झूले पर 26 लोग बैठे हुए थे, यह दुखद घटना है। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की ड्यूटी यहां लगी थी, लोगों की जान बचाते हुए वे शहीद हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी 2 महिला कॉन्स्टेबल भी घायल हुई हैं, कुल मिलाकर 12 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने बहुत मुस्तैदी के साथ फौरन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। यह हादसा दुखद है। जहां तक सर्टिफिकेशन की बात है, रोज़ाना जितने झूले लगे हैं प्रशासन की तरफ से उसका सर्टिफिकेशन होता है। वेंडर के खिलाफ FIR हुई है, ADC की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है जो जल्द ही रिपोर्ट सौंपेगी, जो भी दोषी होगा, जिसकी भी थोड़ी भी लापरवाही पाई जाएगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सरकार घायलों का हर संभव इलाज कराएगी।
शाम करीब 6 बजे हुई इस घटना के तुरंत बाद जिला अधिकारी, डिप्टी कमिश्नर आयुष सिंह, पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया था।
फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि इंस्पेक्टर पलवल के रहने वाले थे और मेले में ड्यूटी पर तैनात थे। झूला एक तरफ गिर गया था और वे दूसरी तरफ लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे तभी उन्हें गंभीर चोट लग गई। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इससे पहले दिन में उपस्थित लोगों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण फूड कोर्ट के पास का एक गेट गिर गया था।
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सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला प्रतिवर्ष फरवरी में फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित किया जाता है। सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन द्वारा केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों के सहयोग से आयोजित यह मेला 1987 से चल रहा है। इस मेले को विश्व के सबसे बड़े शिल्प मेलों में से एक माना जाता है।
आयोजकों के अनुसार, यह भारत की हस्तशिल्प, हथकरघा, लोक कला, पारंपरिक चित्रकला, धातु शिल्प, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी शिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करने और संरक्षित करने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है। इस वर्ष मेले का शुभारंभ 31 जनवरी को हुआ और यह 15 फरवरी तक चलेगा। इस वर्ष का विषय है ‘स्थानीय से वैश्विक (Local to Global) – आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat)’।
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