एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की शादी 20 जून को सरंग लखानी से होने वाली है। सरंग, भाजपा नेता अरुण लखानी के बेटे हैं, जो वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली सीट से चल रहे एमएलसी चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार हैं। मंगलवार को सुप्रिया सुले ने कहा कि बच्चों का रिश्ता उनके माता-पिता के राजनीतिक करियर से जुड़ा नहीं है।
रेवती सुले, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की पोती हैं। वह 20 जून को सरंग लखानी के साथ विवाह बंधन में बंधेंगी।
सुप्रिया सुले ने कहा, “अरुणभाई की राजनीतिक विचारधारा का हमारे पारिवारिक रिश्तों से कोई लेना-देना नहीं है। वे अपनी राजनीति करें, हम अपनी राजनीति करेंगे। हमारे बच्चों का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।”
उन्होंने मंगलवार को शहर में यह बात तब कही, जब उनसे पूछा गया कि उनकी बेटी के होने वाले ससुराल वाले एमएलसी चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार हैं। सुले परिवार ने 5 जुलाई को पुणे में विवाह स्वागत समारोह (रिसेप्शन) का आयोजन किया है।
वहीं अरुण लखानी ने भी हाल ही में स्पष्ट किया था कि परिवार और राजनीति अलग-अलग हैं। भाजपा ने उन्हें वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव का उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया था।
कौन हैं अरुण लखानी?
अरुण लखानी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के करीबी माने जाते हैं। वे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े एक व्यवसायी हैं। एमएलसी चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के शैलेश अग्रवाल से होगा। कांग्रेस, महाविकास अघाड़ी (एमवीए) की सहयोगी पार्टी है। इस गठबंधन में एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) भी शामिल हैं।
इस बीच, सुले ने कहा कि एनसीपी (एसपी) पुणे से एनसीपी उम्मीदवार द्वारा संपत्ति कर बकाया के बारे में हलफनामे में गलत जानकारी देने पर आपत्ति दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा, ”हमें पता चला है कि एनसीपी उम्मीदवार ने सोमवार को बकाया न होने का अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) संबंधी हलफनामा जमा करते समय मंगलवार को 40,000 रुपये का संपत्ति कर चुकाया। यह एक तकनीकी मुद्दा है और मैं विशेषज्ञ नहीं हूँ, इसलिए मैं चुनाव आयोग से इसका स्पष्टीकरण चाहती हूँ।”
उन्होंने आगे कहा, ”मेरा सवाल यह है कि क्या हलफनामा जमा करने के बाद और जांच के दौरान ये बकाया राशि चुकाई जा सकती है? अगर ऐसा संभव है तो हलफनामे का कोई महत्व नहीं रह जाएगा।”
