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महाराष्ट्र: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- बुधवार को कराएं फ्लोर टेस्ट; गदगद कांग्रेस बोली- संविधान ‘धन और बाहुबल’ से अधिक शक्तिशाली

राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे। महाराष्ट्र कांग्रेस ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत किया और कहा कि संविधान ‘धन और बाहुबल’ की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली है।

Author मुंबई | Published on: November 26, 2019 12:11 PM
सुप्रीम कोर्ट ( फाइल फोटो)।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें।
अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। शीर्ष अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देश दिया कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार को ही शपथ ग्रहण करें। अदालत ने कहा कि समूची प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान नहीं हो और विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए।

राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे। महाराष्ट्र कांग्रेस ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत किया और कहा कि संविधान ‘धन और बाहुबल’ की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली है। पार्टी ने दावा किया कि शिवसेना-राकांपा और कांग्रेस के पास कुल मिलाकर 162 विधायकों का समर्थन है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया है कि वह विधानसभा में बुधवार को शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करवाएं।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने ट्वीट किया, ‘‘हम माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं। लोकतंत्र में संविधान सर्वोपरि है और धन तथा बाहुबल से कहीं अधिक शक्तिशाली है। हम 162 हैं।’’ उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र में शक्ति परीक्षण बुधवार को करवाने का निर्देश दिया है और अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विधानसभा में बहुमत कल ही साबित करना होगा।

शीर्ष अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देश दिया कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार को ही शपथ ग्रहण करें। न्यायालय ने कहा कि समूची प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान नहीं हो और विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए।
राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे

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