ताज़ा खबर
 

‘सश्रम’ शब्द जोड़ने की वैधता पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में अध्ययन करने की सहमति जता दी है कि क्या अदालतों को उम्रकैद की सजा में ‘रिगरस’ (सश्रम) शब्द जोड़ कर दोषियों के लिए आजीवन कारावास को और अधिक कठिन बनाने का अधिकार है क्योंकि कानून में इसका प्रावधान नहीं है।

Author नई दिल्ली | January 23, 2017 12:54 AM

सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में अध्ययन करने की सहमति जता दी है कि क्या अदालतों को उम्रकैद की सजा में ‘रिगरस’ (सश्रम) शब्द जोड़ कर दोषियों के लिए आजीवन कारावास को और अधिक कठिन बनाने का अधिकार है क्योंकि कानून में इसका प्रावधान नहीं है। न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने इस दलील पर विचार किया कि न तो हत्या के अपराध से जुड़े दंडनीय प्रावधान में और न ही दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में ऐसा कोई प्रावधान है कि अदालतें उम्रकैद की सजा सुनाते समय ‘रिगरस’ (सश्रम) शब्द जोड़ सकती हैं।

शीर्ष अदालत ने इस मामले के सभी पक्षों को नोटिस जारी किया और मामले को एक दूसरी पीठ के समक्ष सुने जा रहे दूसरे वाद के साथ जोड़ दिया। हत्या के एक मामले में सश्रम उम्रकैद की सजा पाए दोषी अब्दुल मलिक और अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता परमानंद कटारा ने दलील दी कि निचली अदालतों द्वारा सुनाया गया फैसला ‘असंवैधानिक और न्यायिक अधिकार से परे’ है क्योंकि कानूनन उन्हें उम्रकैद के साथ ‘सश्रम’ शब्द जोड़ने का अधिकार नहीं है।
शीर्ष अदालत मलिक और चार अन्य की अपील पर सुनवाई कर रही थी जो उत्तर प्रदेश की एक जेल में सश्रम आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

अपील में हत्या के एक मामले में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई। हाई कोर्ट ने 14 जुलाई, 1999 को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में दुन्ना नामक शख्स की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मलिक और अन्य को दोषी ठहराने और उम्रकैद की सजा सुनाने के निचली अदालत के फैसले को कायम रखा था।
इसी तरह के एक मामले में शीर्ष अदालत ने राम कुमार सिवरे की याचिका पर नोटिस जारी किया था जो छत्तीसगढ़ की एक जेल में सश्रम आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उसने हत्या के एक मामले में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी।

Next Stories
1 अब सैन्य बलों के तीन नए कमान होंगे
2 ‘मैं मुलायम का सम्मान करता हूं, जब तक लड़े मैंने उनका साथ दिया अब वे अपने बेटे से हार गए तो मैं क्या करूं’
3 आरक्षण कोई समाप्त नहीं कर सकता: पासवान
ये पढ़ा क्या?
X