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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: यूनिटेक बिल्डर की 3 संपत्तियों की होगी नीलामी

देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी का दावा करने वाली यूनिटेक के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश बुरी खबर लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक की तीन संप्तियों की नीलामी करने का आदेश दिया है। एएनआई के मुताबिक यह नीलामी आगरा, वाराणसी और श्रीपेरंबदूर स्थित बिल्डर की संपत्तियों की होगी।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी का दावा करने वाली यूनिटेक के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश बुरी खबर लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक की तीन संप्तियों की नीलामी करने का आदेश दिया है। एएनआई के मुताबिक यह नीलामी आगरा, वाराणसी और श्रीपेरंबदूर स्थित बिल्डर की संपत्तियों की होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूनिटेक की संपत्तियों की नीलामी से बायर्स की पैसा लौटाया जाएगा। सुप्रीम कोर्टन ने इससे पहले एक पैनल बनाकर बिल्डर की करीब 600 एकड़ जमीन को नीलाम कराने के लिए ड्राफ्ट तैयार करने को कहा था। कहा जा रहा है कि बिल्डर की आगरा, वाराणसी और चेन्नई के पेरंबुदूर की गैर-विवादित जमीनों को नीलाम किया जाएगा। इसी वर्ष मार्च में शीर्ष अदालत ने कहा था कि यूनिटेक के घर खरीदारों के पैसे वापस लौटाने के लिए कंपनी के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा की निजी संपत्ति समेत कंपनी के गैर विवादित संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। प्रधान न्यायधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा था, “हम नीलामी करेंगे..हम नीलामी के साथ आगे बढ़ेंगे।”

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पीठ ने कहा था कि यूनिटेक ने गैर विवादित संपत्तियों की सूची सौंपी है जो कि अधूरी है। सर्वोच्च न्यायालय ने 5 मार्च को यूनिटेक को अपने सभी गैर विवादित संपत्तियों को ब्योरा देने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने यूनिटेक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को अधूरी सूची को शपथ पत्र के साथ सौंपने के आदेश दिए थे। कुमार ने अदालत के समक्ष चंद्रा की जमानत के लिए सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को जमानत दिए जाने का हवाला दिया था। प्रधान न्यायाधीश मिश्रा ने सहारा के मामले में अप्रत्यक्ष रूप से कहा था, “निवशकों की पहचान की जानी बाकी है, लेकिन ये लोग वास्तवित घर खरीदार हैं। वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।” शीर्ष अदालत ने इससे जुड़े मामले में चेन्नई के जेएम फाइनेंस सर्विस लिमिटेड पर 25 लाख का जुर्माना भी लगाया था।

पिछले दिनों दिल्ली से सटे गुरुग्राम के यूनिटेक के सेक्टर-70 स्थित एनथिया फ्लोर्स प्रॉजेक्ट के बायर्स का गुस्सा इस कदर फूट पड़ा था कि उन्होंने बिल्डर के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की तारीफ 15 जुलाई मुकर्रर कर दी। यहां करीब 7 वर्षों लोग फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन प्रोजेक्ट का काम तक शुरू नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2011 प्रॉजेक्ट लॉन्च हुआ था। 557 लोगों ने 2 और 3 बीएचके फ्लैट बुक करवाए थे। 2014 में पजेशन देने का वादा किया गया था लेकिन अब तक प्रॉजेक्ट का काम ही शुरू नहीं हुआ है।

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