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कावेरी विवाद पर आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बेंगलुरू में 15,000 पुलिसकर्मी तैनात

आयुक्त ने कहा, ‘‘विशेष ध्यान संवेदनशील इलाकों पर दिया जाएगा जहां विगत में दंगे हो चुके हैं।’’कर्नाटक दावा करता रहा है कि कृष्णराज सागर बांध में सिर्फ उतना पानी है जो केवल बेंगलुरू की आवश्यकता को पूरी करता है।
Author February 16, 2018 00:55 am
कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस के कर्मी और अन्य सुरक्षा बलों को भी तैनात किया जाएगा।(फाइल फोटो)

दक्षिण भारतीय राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के बीच वर्षों पुराने कावेरी जल विवाद मामले में शुक्रवार (16 फरवरी) को उच्चतम न्यायालय द्वारा फैसला दिए जाने की संभावना को देखते हुए बेंगलुरू में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 15 हजार पुलिसर्किमयों को ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस के कर्मी और अन्य सुरक्षा बलों को भी तैनात किया जाएगा।

आयुक्त ने कहा, ‘‘विशेष ध्यान संवेदनशील इलाकों पर दिया जाएगा जहां विगत में दंगे हो चुके हैं।’’कर्नाटक दावा करता रहा है कि कृष्णराज सागर बांध में सिर्फ उतना पानी है जो केवल बेंगलुरू की आवश्यकता को पूरी करता है। बता दें कि बीते वर्ष कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को झटका दिया है। 7 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की रिव्यू पिटीशन को रद्द कर दिया था। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 18 अक्तूबर को कर्नाटक को निर्देश दिया था कि अगले आदेश तक तमिलनाडु को कावेरी जल से दो हजार क्यूसेक पानी की आपूर्ति जारी रखी जाये।

कावेरी मुद्दे पर 2007 में निर्णय आने पर तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था। पिछले साल 20 सितम्बर को इसी मामले की एक सुनवाई के दौरान कर्नाटक ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा था कि 1924 में ब्रिटिशकालीन मद्रास प्रांत और मैसूर रियासत के बीच हुए समझौते को मौजूदा कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल बंटवारा विवाद में आधार नहीं बनाया जा सकता। वहीं तमिलनाडु ने भी जल बंटवारे के फैसले को लेकर असंतुष्टि दिखाई थी।

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