ताज़ा खबर
 

नहीं हो सका गर्भपात, मां बनी 13 साल की रेप पीड़िता

पैदा हुए बच्चे का वजन 1.8 किलोग्राम है, उसे एनआईसीयू में रखा गया है।

जेजे अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर, जहां रेप पीड़िता ने बच्चे को जन्म दिया है।

दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल की रेप पीड़िता को 31 सप्ताह का गर्भ गिराने की मंजूरी दी थी, अब उस बच्ची ने लड़के को जन्म दिया है। नाबालिग का जेजे अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन किया गया है। पैदा हुए बच्चे का वजन 1.8 किलोग्राम है, उसे एनआईसीयू में रखा गया है। अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक आनंद ने बताया, ‘बच्चा ठीक है और अभी उसे निगरानी में रखा जाएगा।’ नाबालिग अस्पताल में एक सप्ताह तक रहेगी। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, डॉक्टर जब गर्भपात की कोशिश कर रहे थे तो पाया कि यह नाबालिग के लिए खतरा हो सकता है। ऐसे में उन्होंने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चा पैदा करने का फैसला किया।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नाबालिग की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य को खतरा को देखते हुए गर्भपात की मंजूरी दी थी। यह फैसला मेडिकल बोर्ड की उस रिपोर्ट के आधार पर दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि इस स्तर पर बच्चे को पैदा करना मां के लिए खतरा हो सकता है। ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि कोर्ट ने 31 सप्ताह के गर्भ को गिराने का फैसला दिया है।

नाबालिग के साथ उसके पिता के बिजनस पार्टनर ने कथित तौर पर सात महीने पहले रेप किया था। इस साल अगस्त महीने में जब नाबालिग के परिजन उसे डॉक्टर के पास चेक कराने ले गए कि कहीं अचानक मोटापा थाइराइड की वजह से तो नहीं आया। जब डॉक्टर ने जांच की तो पता चला कि वह 27 सप्ताह की गर्भवती है। पुलिस का कहना है कि तब तक नाबालिग लड़की ने अपने यौन शोषण के बारे में घरवालों को नहीं बताया था।

9 अगस्त को नाबालिग के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक 23 साल के आरोपी ने कई बार नाबालिग के साथ रेप किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नाबालिग के घरवालों ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत गर्भ गिरा देने लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App