नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरटेक सुपरनोवा बिल्डिंग की 43वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने की घटना के बाद सुपरनोवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (SNAOA) ने नए नियम लागू किए हैं। इन नए नियमों के तहत एसोसिएशन ने फ्लैट मालिकों से कहा है कि वे प्राथमिकता के आधार पर परिवारों, कामकाजी पेशेवरों या अन्य लीगल कैटेगिरी वाले लोगों को ही फ्लैट किराए पर दें।

एसोसिएशन के नए नियम यह साफ करते हैं कि सुपरनोवा बिल्डिंग में जिनके फ्लैट हैं वह स्टूडेंट और बैचलर किराएदारों को फ्लैट किराए पर देने से बचें। इन दो श्रेणी के लोगों के लिए विशेष प्रावधान भी रखे गए हैं।

स्टूडेंट और बैचलर को एक महीने का नोटिस

नई पॉलिसी के मुताबिक, जिन फ्लैट मालिकों ने पहले से स्टूडेंट या बैचलर को किराए पर फ्लैट दे रखे हैं उन्हें ऐसे किराएदारों को एक महीने का नोटिस देने की बात कही गई है। एसोसिएशन का कहना है कि सोसाइटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, अनुशासन और रेजिडेंशियल माहौल बनाए रखने के लिए टेनेंसी को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।

किराए पर फ्लैट देने से पहले कमेटी करेगी रिव्यू

एसोसिएशन की नई पॉलिसी के मुताबिक, अगर कोई फ्लैट मालिक किसी स्टूडेंट या बैचलर को ही फ्लैट किराए पर देना चाहता है तो ऐसे मामले की टेनेंसी कमिटी समीक्षा कर सकती है। पॉलिसी के अनुसार, यदि कमिटी ऐसे किराएदार को मंजूरी नहीं देती है तो मालिक उस स्टूडेंट या बैचलर को फ्लैट किराए पर नहीं दे पाएगा। साथ ही कमिटी की ओर से नोटिस दिए जाने की तारीख से एक महीने के भीतर संबंधित किराएदार को फ्लैट खाली करना होगा।

एसोसिएशन की ओर से साफ किया गया है कि नई पॉलिसी के नियम सिर्फ किराएदारों की कैटेगरी तय करने के लिए नहीं है बल्कि सोसाइटी में लंबे समय से सामने आ रही शिकायतों और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के कथित गलत इस्तेमाल को रोकना भी है।

क्या कहना है कि एसोसिएशन के एडवाइजर का?

एसोसिएशन के एडवाइजर नरेश नंदवानी ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें फ्लैटों को कम अवधि के लिए किराए पर दिया गया। एसोसिएशन का मानना है कि इस तरह की शॉर्ट-टर्म टेनेंसी से सोसाइटी के सामान्य माहौल और सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। ‘पॉलिसी फॉर रेगुलेशन ऑफ टेनेंसीज, ऑक्यूपेंसी एंड रेजिडेंट कंडक्ट, 2026’ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी अपार्टमेंट में उसकी क्षमता या स्वीकृत रेजिडेंशियल इस्तेमाल के अनुरूप ही लोग रह सकेंगे। यानी फ्लैट के आकार और स्वीकृत उपयोग से अधिक लोगों को वहां रहने की अनुमति नहीं होगी।

सुपरनोवा बिल्डिंग रही है विवादों में

आरोप है कि गलत गेट पर पहुंचने के बाद उन्होंने सुरक्षा कर्मी से विवाद किया और कार से सुपरनोवा परिसर में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। मामले के बाद नोएडा पुलिस ने शर्मा को एहतियातन गिरफ्तार किया था। उनकी कार जब्त की गई और चालान भी किया गया। इस घटना के बाद सोसाइटी में सुरक्षा और किराएदारों के सत्यापन को लेकर चर्चा और तेज हो गई।

इसके अलावा इससे पहले करीब 500 फ्लैटों वाले इस रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में तेज आवाज में म्यूजिक बजाने, धूम्रपान और शराब पीने जैसी गतिविधियों को लेकर भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसके अलावा पॉलिसी में ड्रग्स के कथित इस्तेमाल, ऑनलाइन धोखाधड़ी और कथित तौर पर अवैध कॉल सेंटर चलाने जैसी गतिविधियों का भी जिक्र किया गया है। एसोसिएशन ने कुछ मामलों में प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट से जुड़े होने के आरोपों का भी उल्लेख किया है।

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दिल्ली से सटे नोएडा से चौंकाने वाली वाली घटना सामने आई है। दरअसल, यहां सेक्टर 94 में स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग की 43वीं मंजिल से एक व्यक्ति ने कूदकर आत्महत्या कर ली। मरने वाला व्यक्ति गुरुग्राम का बताया जा रहा है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। यहां पढ़ें पूरी खबर…