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‘सुपर-30’ में पैसे का खेल? पहले वायरल हुई अभयानंद के खिलाफ फर्जी खबर, अब आनंद कुमार पर भयानक आरोप

आनंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लंबे वक्त तक अपने कोचिंग से आईआईटी में दाखिला पाने वाले सफल छात्रों की गलत तस्वीर लोगों के सामने पेश की। इसके अलावा, उन पर करोड़ों की संपत्ति बनाने का भी आरोप है।

सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार (तस्वीर आनंद कुमार के FB पेज से ली गई है।)

कोचिंग सेंटर ‘सुपर 30’ और उसके संस्थापक आनंद कुमार विवादों में हैं। आनंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लंबे वक्त तक अपने कोचिंग से आईआईटी में दाखिला पाने वाले सफल छात्रों की गलत तस्वीर लोगों के सामने पेश की। इसके अलावा, उन पर करोड़ों की संपत्ति बनाने का भी आरोप है। बीते कुछ दिनों से विरोधियों ने उनके खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। उन पर लगे ताजा आरोप से कुछ ही दिन पहले ‘सुपर 30’ में आनंद कुमार के कभी सहयोगी रहे वरिष्ठ आईपीएस और पूर्व डीजीपी अभयानंद के नाम से एक फर्जी खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें लिखा था कि अभयानंद ने कोचिंग के नाम पर विदेशों में अरबों रुपये की संपत्ति बनाई है। चूंकि मामला पूर्व डीजीपी से जुड़ा था, इस वजह से पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने इस मामले में जितेंद्र कुमार नाम के युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल और कुछ अन्य सामान बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि इसी लैपटॉप से फर्जी खबर को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। इससे पहले कि पुलिस उस युवक से कुछ पूछताछ करती कि आनंद कुमार उसे छुड़ाने थाने पहुंच गए। उन्होंने उसे छुड़ाने की पूरी कोशिश की लेकिन असफल रहे।  इस घटना के कुछ दिन बाद ही आनंद कुमार के कथित पूर्व छात्रों और सहयोगी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

बता दें कि ‘सुपर 30’ गरीब बच्चों को मुफ्त कोचिंग और बाकी सहूलियतें देकर उन्हें आईआईटी में दाखिला दिलाने के लिए मशहूर है। पहले अभयानंद और आनंद मिल कर इसे चलाते थे। बाद में दोनों अलग हो गए। ‘सुपर 30’ कोचिंग सेंटर और आनंद कुमार की जिंदगी के इर्दगिर्द एक बॉलीवुड फिल्म भी बन रही है, जिसमें अभिनेता रितिक रोशन मुख्य भूमिका में हैं। आनंद कुमार के बारे में कहा जाता है कि वह हर साल 30 आर्थिक रूप से कमजोर लड़कों को मुफ्त खाना-कपड़ा और कोचिंग मुहैया कराते हैं, जिसकी बदौलत वे आईआईटी में दाखिला पाते हैं। कभी आनंद के नजदीकी रहे विद्यानंद उपाध्याय ने पटना के होटल रिपब्लिकन में रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद पर संगीन आरोप लगाए। उपाध्याय ने बताया कि आनंद और उनके छोटे भाई प्रणव ‘सुपर 30’ के अलावा ‘रामानुजम मैथमैटिक्स क्लासेज’ भी चलाते हैं।

पटना के स्वतंत्र पत्रकार पंकज श्रीवास्तव ने सुपर 30 संचालक आनंद कुमार के पूर्व सहयोगी विद्यानंद उपाध्याय से यह बातचीत कर हमें भेजा है। उपाध्याय का कहना है कि आनंद कुमार सुपर 30 के नाम पर कई तरह के गलत काम कर रहे हैं।

दूसरे कोचिंग के छात्रों को ‘सुपर 30’ का बताया? उपाध्याय ने बताया कि ‘सुपर 30’ में अपने बच्चों का दाखिला करवाने की चाहत में आनंद के पास बहुत सारे लोग आते हैं। उपाध्याय के मुताबिक, यहां आए लोगों को आनंद समझाते हैं कि वे इस साल कहीं से पैसों का इंतजाम करके रामानुजम क्लासेज में बच्चों का दाखिला करा लें। अगले साल उनको ‘सुपर-30’ में ले लिया जाएगा। घर वाले इस शर्त को मान लेते हैं। उपाध्याय की मानें तो यही आनंद कुमार का फर्जीवाड़ा है। ‘रामानुजम’ के एक बैच में तकरीबन 400 से 500 छात्र होते हैं। इस तरह के यहां 7 से 8 बैच चलते हैं। उपाध्याय का आरोप है कि यहां के जिन छात्रों ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में कामयाबी हासिल की, उन्हें बाद में ‘सुपर 30’ का छात्र घोषित कर दिया गया। यह भी आरोप है कि 2015 से आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों की संख्या बेहद कम हो गई। इसके बाद, आनंद कुमार ने अन्य कोचिंग संस्थानों के बच्चों को ‘सुपर 30’ का बताना शुरू कर दिया और समाज में तारीफ बटोरी।

कौन हैंं आनंद कुमार के परिवार में: –आनंद कुमार दो भाई हैं। इनके छोटे भाई का नाम प्रणव है। मां का नाम जयंती देवी है। आनंद के पत्नी का नाम रश्मि प्रकाश है। कहा जाता है कि रश्मि प्रकाश कभी उनके कोचिंग की शिष्या थीं। छोटे भाई प्रणव के पत्नी का नाम रितु रश्मि है। प्रणव और रितु का प्यार भी इसी कोचिंग में परवान चढ़ा और शादी के बंधन तक पहुंचा।

आनंद कुमार के परिवार के नाम करोड़ों की संपत्ति? आनंद पर संपत्‍ति खड़ा करने का भी आरोप लगाया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आनंद कुमार और उनके परिवार के नाम करोड़ों की संपत्ति है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आनंद की मां जयंती देवी के नाम से पटना में 4 संपत्तियां हैं। पुरन्दरपुर यानी जहां ये परिवार रहता है, वहां 800 वर्ग फीट का दो मंजिला बंगला है। इसकी रजिस्ट्री 29 मई 2017 को कराई गई थी। इसकी कीमत 55.56 लाख रुपये बताई गई है। दूसरी संपत्ति प्लॉट संख्या 286 के रूप में पटना के ही गौरीचक में है। इसकी खरीदारी 3 अप्रैल 2012 को की गई। कीमत 15.1 लाख रुपये है। तीसरी संपत्ति प्लॉट संख्या 69 के रूप में चांदपुर बेला में है, जिसकी कीमत 33.60 लाख रुपये है। इसे 24 अप्रैल 2017 को खरीदा गया। मां के नाम से चौथी संपत्ति भी चांदपुर बेला में ही है। यहां प्लॉट संख्या 25 को 10.32 लाख रुपये में 25 अप्रैल 2013 को खरीदा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में भाई प्रणव की भी कई संपत्तियों का जिक्र है। पहली संपत्ति संजय-विजय विहार दानापुर में बताई गई है। यहां प्लॉट संख्या 1671 को 34.95 लाख रुपये में जून 2016 में खरीदा गया। दूसरी संपत्ति दानापुर के सगुना मोड़ स्थित ‘स्नेहछवि वाटिका’ नाम का फ्लैट है। इसकी कीमत तकरीबन 22 लाख रुपये है। प्रणव की पत्नी रितु रश्मि की संपत्ति फुलवारी शरीफ में है। 92 लाख रुपये में प्लॉट संख्या 80 को 18 जुलाई 2017 को खरीदा गया था। वहीं, फुलवारीशरीफ के विष्णुपुर में 38 लाख रुपये में प्लॉट संख्या 81 को खरीदा गया। यह खरीद 13 जुलाई 2016 को हुई थी। आनंद की पत्नी रश्मि प्रकाश के नाम से भी कुछ प्रॉपर्टीज़ हैं। उनके नाम जक्कनपुर का प्लॉट नंबर 44 है। इसकी कीमत 27 लाख रुपये है, जिसे 11 मार्च 2016 को खरीदा गया। दूसरी संपत्ति इसी इलाके के चितकोहरा में है। प्लॉट नंबर 50, जिसकी कीमत 20.48 लाख रुपये है। इसे 26 नवंबर 2016 को खरीदा गया।

आनंद के पूर्व सहयोगी ने 22 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके गंभीर आरोप लगाए, देखें वीडियो 

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