शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को सोशल मीडिया पर घोषणा की कि पार्टी पंजाब के हर गांव में फिल्म ‘ सतलुज’ का प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को कांग्रेस शासन के दौरान सिख समुदाय के खिलाफ कथित अत्याचारों के बारे में बताना है।

सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ को पंजाब के गांवों और कस्बों में दिखाएगी। सुखबीर बादल ने ‘एक्स’ पर पंजाबी में एक पोस्ट में कहा, ”पंजाब के हर गांव और हर कोने में शिअद फिल्म ‘सतलुज’ दिखाएगी। यह फिल्म कांग्रेस शासन के दौरान हजारों निर्दोष सिख युवाओं और शहीद भाई जसवंत सिंह जी खालड़ा जैसे सिख हस्तियों पर किए गए अमानवीय अत्याचारों पर आधारित है ताकि हमारे बच्चे और आने वाली पीढ़ियां उन पर हुए अत्याचारों से पूरी तरह परिचित हो सकें।”

हजारों सिख युवाओं को क्रूर कांग्रेस सरकार ने फर्जी मुठभेड़ों में शहीद कर दिया- बादल

बादल ने कहा कि यह फिल्म उस दर्दनाक दौर की सच्चाई को दर्शाती है जो स्वर्ण मंदिर पर हुए सैन्य हमले के बाद भी समाप्त नहीं हुआ और दिल्ली और अन्य शहरों में (1984 के सिख विरोधी दंगों) हजारों निहत्थे निर्दोष सिख युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को जिंदा जलाया गया। बादल ने पोस्ट में कहा, ”पंजाब में इस हृदयविदारक नरसंहार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हजारों सिख युवाओं को क्रूर कांग्रेस सरकार द्वारा फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में शहीद कर दिया गया। अब देश को उस दर्दनाक नरसंहार का इतिहास बताने से भी रोका जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल ऐसा कभी नहीं होने देगा।”

सतलुज फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब ’95’ था

इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब ’95’ था। यह फिल्म 1990 के दशक में पंजाब में आतंकवाद के दौर के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। इसे 3 जुलाई को नए नाम ‘सतलुज’ के साथ बिना किसी कट के ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया था। हालांकि, तीन साल से अधिक समय तक सेंसर प्रक्रिया में अटकी रही यह फिल्म दो दिन बाद 5 जुलाई को मंच से हटा दी गई। राज्य में कुछ सिख धार्मिक संगठनों और अन्य समूहों ने कई स्थानों पर गुरुद्वारों और गांवों के मैदानों में सार्वजनिक रूप से फिल्म का प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

इससे पहले मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई ने कहा था कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटाए जाने की परिस्थितियों की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। पंजाब भाजपा ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार की यह कार्रवाई प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की अपील पर की गई है। पंजाब में कई राजनीतिक दलों और सिख संगठनों ने फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी मंच से हटाए जाने की सोमवार को आलोचना की थी।

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पंजाब कांग्रेस में उठापटक की चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट के प्रतिनिधि हाईकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं। सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि यह गुट ऐसे समय में दिल्ली के लिए रवाना हुआ है जब पंजाब के एआईसीसी प्रभारी भूपेश बघेल भी राज्य में आने वाले हैं। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(इनपुट- पीटीआई-भाषा)