भोपाल गैंगरेप: कांग्रेस का शिवराज सिंह चौहान पर हमला, कहा- भाजपा सरकार पर पुत गई है कालिख - Such A Big Crime has Happened, But Home Minister has No Reaction: Ajay Singh - Jansatta
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भोपाल गैंगरेप: कांग्रेस का शिवराज सिंह चौहान पर हमला, कहा- भाजपा सरकार पर पुत गई है कालिख

अजय सिंह ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद मुख्यमंत्री बैठक कर रहे हैं, कार्यवाही के निर्देश दे रहे हैं और हमारे राज्य के गृहमंत्री नदारद हैं।

Author भोपाल | November 4, 2017 4:37 PM
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। (File Photo)

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शनिवार को कहा कि राजधानी भोपाल में छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म की इतनी बड़ी घटना हो गई, लेकिन प्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह का पता नहीं है। अजय सिंह ने जारी एक बयान में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ राज्य के गृहमंत्री से भी इस घटना के बारे में सवाल करना चाहिए। कुल मिलाकर शहर के बीचों बीच हुई इस शर्मनाक घटना से पूरी भाजपा सरकार पर कालिख पुत गई है।’’ उन्होंने कहा कि राजधानी भोपाल में इतनी घिनौनी वारदात के बाद रिपोर्ट नहीं लिखने के अगर ये हालात हैं तो दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में क्या हालात होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य के गृहमंत्री का कहना है कि उन्हें घटना की तत्काल जानकारी मिल गई थी और अगर ऐसा था तो सवाल यह उठता है कि छात्रा और उसके परिजनों को रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए भटकाना क्यों पड़ा? सिंह ने कहा कि प्रदेश के गृहमंत्री सिर्फ नाम के हैं। चाहे मंदसौर के किसानों पर गोली चलाने की घटना हो, या टीकमगढ़ में किसानों को नंगा कर लॉकअप में बंद करने की घटना। इन सभी घटनाओं में हमारे गृहमंत्री की कोई भूमिका नहीं होती।

वे सिर्फ सीएम पर सफाई देते हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद मुख्यमंत्री बैठक कर रहे हैं, कार्यवाही के निर्देश दे रहे हैं और हमारे राज्य के गृहमंत्री नदारद हैं। मालूम हो कि 31 अक्टूबर की रात भोपाल में पुलिसकर्मी दंपत्ति की 19 वर्षीय बेटी के साथ चार बदमाशों ने लूटपाट की और बाद में उससे कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया। घटना के बाद दूसरे दिन पीड़िता अपने माता-पिता के साथ घटना की रिपोर्ट लिखाने के लिये थाना-दर-थाना भटकती रही और आखिरकार मीडिया में खबर आने और वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद एक नवंबर को शाम छह बजे इसकी प्राथमिकी दर्ज की गई।

मध्यप्रदेश पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट लिखने में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया और एक अधिकारी का पुलिस मुख्यालय में तबादला कर दिया। पुलिस महानिदेशक ने इस घटना की शीघ्र जांच के लिए आईजी सुधीर लाड के निर्देशन में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि एक आरोपी की तलाश की जा रही है।

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