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छत्तीसगढ़: 10वीं बोर्ड परीक्षा में भारत को ‘अलोकतांत्रिक देश’ लिखने वाले छात्रों को मिले पूरे अंक

सामाजिक विज्ञान विषय के सेट - C के पर्चे में ऑब्जेक्टिव पैटर्न के सवालों में एक सवाल भारत के लोकतांत्रिक या अलोकतांत्रिक होने को लेकर भी था। जवाब में अलोकतांत्रिक लिखने वाले छात्रों को पूरे 2 अंक दिये गये थे जबकि लोकतांत्रिक लिखने वाले छात्रों को मिले थे 'जीरो' नंबर।

प्रतीकात्मक तस्वीर

छत्तीसगढ़ में मैट्रिक (10वीं बोर्ड) की परीक्षा में सवाल पूछा गया था कि हिन्दुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है या अलोकतांत्रिक ? जाहिर है यह बेहद ही आसान सा सवाल है और राज्य के 10वीं बोर्ड के छात्रों को भी इसका जवाब मालूम था और उन्होंने अपनी उत्तरपुस्तिका में लोकतांत्रिक लिख दिया। लेकिन इम्तिहान में इस प्रश्न का जवाब ‘लोकतांत्रिक’ लिखने वाले बच्चे उस वक्त हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि बोर्ड के मुताबिक इस सवाल का सही जवाब ‘अलोकतांत्रिक’ है। जी हां, बोर्ड की परीक्षा में जिन छात्रों ने भारत को लोकतांत्रिक देश बतलाया था उनके नंबर काट लिये गये और जिन्होंने देश को अलोकतांत्रिक बतलाया था उन्हें पूरे अंक मिले हैं।

छत्तीसगढ़ 10वीं बोर्ड के इस कारनामे की पोल पट्टी उस वक्त खुली जब परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों ने कम अंक आने को लेकर उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने की बात कही। रिवेल्यूशन के दौरान अपनी कॉपियां देख छात्र दंग रह गए। सामाजिक विज्ञान विषय के सेट – C के पर्चे में ऑब्जेक्टिव पैटर्न के सवालों में एक सवाल भारत के लोकतांत्रिक या अलोकतांत्रिक होने को लेकर भी था। जवाब में अलोकतांत्रिक लिखने वाले छात्रों को पूरे 2 अंक दिये गये थे जबकि लोकतांत्रिक लिखने वाले छात्रों को मिले थे ‘जीरो’ नंबर।

इस मामले के खुलासे के बाद राज्य का राज्य का शिक्षा महकमा हिल गया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव वी.के.गोयल ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि किस स्तर से गलती हुई है इसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मॉडल आंसर सीट में गलतियों की वजह से ऐसा हो सकता है। इसके बाद शिक्षा मंडल ने इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मंडल की तरफ से कहा गया है कि पेपर सेटर और सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई होगी।

आपको बता दें कि दसवीं की परीक्षा में मॉडल आंसर सीट संबंधित विषयों के तीन विशेषज्ञ तैयार करते हैं। इसी सीट के आधार पर उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जाती है। साल 2017-18 की दसवीं बोर्ड की राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में कुल 93426 छात्र शामिल हुए थे। इनमे से 93132 छात्रों के परिणाम घोषित किए गए। इसमें से 49813 छात्र फेल हुए हैं, जबकि पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 46.82 रहा है।

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