फिर विवादों में आया बंगाल का विश्व भारती विश्वविद्यालय, 11 शिक्षक सस्पेंड, कई छात्रों को निकाला, 150 को दिया नोटिस

तीन छात्रों की बर्खास्तगी के बाद से विश्व भारती यूनिवर्सिटी में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विवादों का अखाड़ा बन चुकी इस यूनिवर्सिटी में अब तक 11 प्रोफेसर सस्पेंड हो चुके हैं। जबकि 150 छात्रों को नोटिस मिल चुका है।

viswa bhatati university
विश्व भारती विश्वाविद्यालय में छात्र कर रहे हैं प्रदर्शन (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

कोलकाता के विश्व भारती यूनिवर्सिटी में कुछ छात्रों के बर्खास्त करने के बाद से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच लगातार विवाद हो रहा है। अब इसी क्रम में 11 शिक्षकों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

कुछ दिनों पहले विश्व-भारती विश्वविद्यालय ने तीन छात्रों को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद छात्र प्रदर्शन करने लगे। अक्टूबर 2018 में कुलपति विद्युत चक्रवर्ती के कार्यभार संभालने के बाद से शिक्षकों और छात्रों दोनों द्वारा लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। तब से लेकर अबतक कई प्रोफेसर और स्टाफ निलंबित हो चुके हैं। नवंबर 2019 से अबतक 22 स्टाफ को संस्पेंड किया जा चुका है। जिसमें 11 टीचर तो 11 नॉन टीचिंग स्टाफ हैं। इसके साथ ही 150 से अधिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

निलंबित शिक्षकों में से कुछ ने कहा कि उन्हें केंद्रीय विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने सहित विभिन्न कारणों के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। पांच ने अपने निलंबन को अदालत में चुनौती दी है।

जब इंडियन एक्सप्रेस ने निलंबित प्रोफेसरों से बात की तो निलंबित किए गए सुदीप्त भट्टाचार्य ने कहा- “विश्वविद्यालय ने मुझे एक महिला सहकर्मी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए निलंबित कर दिया, जो एक निराधार आरोप है। हममें से कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो विश्व भारती के कुलाधिपति हैं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को कुलपति के खिलाफ एक मेल लिखा था।

इस मामले पर कुलपति वी-सी चक्रवर्ती और विश्वविद्यालय के पीआरओ अनिर्बान सरकार से संपर्क किया गया, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया।

बता दें कि शिक्षकों के एक समूह ने विश्वविद्यालय के “माहौल और संस्कृति की बिगड़ती स्थिति” को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। पीएम मोदी ही विश्व भारती के चांसलर भी हैं। पत्र में लिखा गया था कि बीते कुछ वक्त में संस्थान में होने वाले विचार-विमर्श और बहस के स्तर में गिरावट देखी गई है। जिसे लेकर सभी असहाय महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा, यह गौरवशाली संस्थान की पवित्रता को खराब कर रहा है और हमारे संस्थान के माहौल और संस्कृति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

जिन तीन छात्रों को बर्खास्त किया गया है, उनपर आरोप है कि उन्होंने कैंपस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। जिसके कारण 23 अगस्त 2020 को उन्हें निष्कासित कर दिया गया था। जिसके बाद से छात्र उनकी बर्खास्तगी रद्द करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

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