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होटल मालिक के अत्याचार से भाग रहे नाबालिग को परीक्षा देने जा रही छात्रा ने परिजनों तक पहुंचाया

नीय होटल संचालक अनिल गुप्ता 14 साल के नाबालिग को छह महीने से बंधक बनाकर उससे जबरन काम करवाता था। मालिक पर बंधक बनाकर उसे मारने-पीटने और सही से खाना भी नही देने का भी आरोप है।

child labourप्रतीकात्मक फोटो ( फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस )

उत्तर प्रदेश के गोंडा में होटल मालिक के शोषण का शिकार बने एक नाबालिग को एक छात्रा ने उद्धार कराया। मामला यहां के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के चौरी चौराहा का है जहां नाबालिग होटल मालिक के अत्याचार से भाग रहा था। इस दौरान रास्ते में परीक्षा देने जा रही छात्रा ने उसकी मदद की। उसने नाबालिग को मुक्त कराकर पुलिस के हवाले किया। आरोप है कि होटल का मालिक ना सिर्फ नाबालिग से जबरन काम करवाता था बल्कि उसे पैसे भी नहीं देता था। पुलिस ने पीडित नाबालिग के परिवार वालों को बुलाकर उसे सैंप दिया।

बाल मजदूरी करा रहा था मालिकः पुलिस के अनुसार स्थानीय होटल संचालक अनिल गुप्ता 14 साल के नाबालिग को छह महीने से बंधक बनाकर उससे जबरन काम करवाता था। मालिक पर बंधक बनाकर उसे मारने-पीटने और सही से खाना भी नही देने का भी आरोप है। बता दें कि होटल मालिक पीड़ित को प्रति माह 3700 रुपए देने की बात कही थी लेकिन पिछले छह माह में उसने केवल पांच हजार ही दिए। नाबालिग द्वारा पैसे मांगने पर वह उसे मारता और पीटता भी था।

ऐसे भाग निकला पीड़ितः मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, मंगलवार सुबह चटनी बनाने की बात को लेकर भी होटल के मालिक ने बच्चे की पिटाई की थी। बच्चे ने भागने की कोशिश की तो मालिक ने पकड़ लिया और खूब पीटा। इसके बाद पीड़ित दूध लाने के बहाने बुधवार की  सुबह पांच बजे होटल से भाग खड़ा हुआ। सड़क पर उसने रोडवेज बस को हाथ दिखाकर रोकने की कोशिश की तो बस नहीं रुकी, पर उसी बस में बैठीं वंदना जायसवाल ने ड्राइवर से कहकर आखिरकार बस रुकवाई। पीड़ित से मामला पूरा जानने के बाद वंदना ने बच्चे को पुलिस चौकी चक पहुंचा दिया। बता दें कि वंदना अपनी परीक्षा देने जा रही थीं।

वंदना ने परीक्षा की परवाह नहीं कीः एलबीएस पीजी कॉलेज की छात्रा वंदना का बुधवार को परीक्षा था। पीड़ित की हालत देख वंदना ने अपनी परीक्षा तक की परवाह नहीं की और उसकी मदद के लिए सामने आ गई। वंदना ने कहा, ‘आधुनिक संसाधनों और तमाम सरकारी योजनाओं से बेटियों में हिम्मत बढ़ गई है। लड़कियां किसी से कम नहीं हैं इसलिए मैंने अपनी परीक्षा की चिंता न करके बस चालक से कहकर बस को रुकवाया और पीड़ित मासूम को बालपुर पुलिस के हवाले कर दिया।’

मामले में पुलिस की कारवाईः बालपुर चौकी इंचार्ज के अनुसार पीड़ित बालक के पिता को फोन करके बुलाया गया। पुलिस ने पीड़ित के मालिक से बकाया पैसे भी दिलवाएं और उसे उसके परिवार वालों को सौंप दिया। चौकी इंचार्ज ने यह भी कहा कि यदि पीड़ित बालक के पिता द्वारा कोई शिकायत मिलती है तो इस पर कार्रवाई भी की जाएगी।

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