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दिल्ली: कोरोना के मामले बढ़ने पर सख्ती, राजधानी में प्रतिबंधित क्षेत्र एक सप्ताह में 70 फीसद बढ़े

17 जून को दिल्ली में जिन इलाकों में केस अधिक पाए गए उनकी संख्या (यानी प्रतिबंधित क्षेत्र) 190 थी, जो 24 जून को बढ़कर 322 हो गई।

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कोविड टेस्ट के लिए सैंपल लेते हुए स्वास्थकर्मी (फोटो- पीटीआई)

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्रों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बीते एक हफ्ते में ही प्रतिबंधित क्षेत्र लगभग 70 फीसद बढ़ गए हैं। दिल्ली सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 17 जून को दिल्ली में जिन इलाकों में कोरोना के मामले अधिक पाए गए उनकी संख्या (यानी प्रतिबंधित क्षेत्र) 190 थी जो 24 जून को बढ़कर 322 हो गई। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पूरे के पूरे परिवार या आस-पड़ोस में एक साथ मामले आ रहे हैं।

वहीं, अस्पतालों में कोरोना मरीजों के साथ बुखार व डायरिया के मरीजों का आना भी बढ़ गया है जो कोरोना के लक्षण हैं। आधिकारिक आंकड़ों में यह बात सामने आई है कि एंबुलेंस के लिए काल करने व हेल्पलाइन पर मदद मांगने वालों की तादात भी बढ़ने लगी है।

अधिकारियों ने कहा कि अधिकतर मामले परिवारों या फिर आसपास के क्लस्टरों से सामने आ रहे हैं, जिसके कारण संक्रमण को फैलने से रोकने के मकसद से छोटे प्रतिबंधित क्षेत्र बनाए जा रहे हैं। छोटे प्रतिबंधित क्षेत्र का मतलब ऐसे प्रतिबंधित क्षेत्र जिनमें एक या दो घर ही शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि आमतौर पर उस क्षेत्र को निषिद्ध क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया जाता है, जहां कोरोना के तीन या उससे अधिक मामले सामने आए हों। लेकिन यह जिलाधिकारियों की ओर से जरूरत आधार पर की जाने वाली नियमित कवायद है। हालांकि बड़ी रोक लगाने जैसे कोई फैसले अभी नहीं लिए गए हैं। दिल्ली महामारी रोग कोरोना विनियमन, 2020, जिलाधिकारियों को एक ऐसे इलाके को सील करने, उसमें लोगों के प्रवेश व निकासी पर पाबंदी लगाने और रोग के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए अधिकृत करता है जहां कोरोना के मामले एक साथ कुछ या कई लोगों में पाए जाते हैं।

कोरोना विषाणु के मामलों में मौजूदा बढ़ोतरी के देश के कुछ जिलों तक सीमित होने का उल्लेख करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि मास्क नहीं पहनना, यात्रा और सामाजिक संपर्क में बढ़ोत्तरी और कोरोना के टीके की एहतियाती (बूस्टर) खुराक लगाने में कोताही संक्रमण वृद्धि के संभावित कारण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अस्पताल में भर्ती होने और मृतकों की संख्या में गंभीर या नाटकीय बदलाव नहीं होता है, तब तक केवल मामलों में वृद्धि चिंता का विषय नहीं है। यही कारण है कि मामलों में हर वृद्धि चिंता या परेशानी का कारण नहीं है। लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखनी जरूरी है नहीं तो मामला विस्फोटक हो सकता है।

14 जून से लगातार बढ़ रहे मामले
आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 14 जून से मामलों में वृद्धि देखी जा रही है और रोजाना लगभग एक हजार या उससे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में 14 जून को संक्रमण के 1,118 मामले सामने आए थे और दो रोगियों की मौत हुई थी। संक्रमण दर 6.50 फीसद थी। तब से दिल्ली में बीते बुधवार को छोड़कर हर दिन एक हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को 928 मामले सामने आए थे। शहर में शुक्रवार को संक्रमण के 1,447 मामले सामने आए थे और एक रोगी की मौत हुई थी। संक्रमण दर 5.98 फीसद रही थी।

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