Delhi Sundar Nursery Incident: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सुंदर नर्सरी पार्क के गार्ड ने एक पांच साल की बच्ची को यह कहकर झूला झूलने से रोक दिया – ‘इसका दिमाग ठीक नहीं है।’ आरोप है कि इस बात का जब बच्ची के माता-पिता ने विरोध किया तो पार्क के सारे गार्ड एकजुट हो गए और उन्हें परिसर के बाहर निकलने को कहा।
दिल्ली सरकार से की अपील
इस वजह से बहस इतनी बढ़ गई कि दूसरे अभिभावकों को बीच-बचाव करने आना पड़ा। अब बच्ची की मां मोना मिश्रा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके घटना की पूरी जानकारी दी है। वीडियो में स्पष्ट रूप से घटना से दुखी और परेशान मोना ने दिल्ली सरकार से अपील की है कि वो यह सुनिश्चित करें कि हर बच्चा पूरी इज्जत और सम्मान के साथ पार्क में खेल सके।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पांच साल की बच्ची एक मेंटल कंडीशन सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित है। घरवालों का कहना है कि बच्ची जिसका नाम इनिका है, एक चमत्कार है। मोना की प्रेग्नेंसी नॉर्मल थी। प्रसव वाले दिन तक सब सामान्य था। हालांकि, आखिरी क्षण में कुछ ऐसा हुआ, जिसने तीन जिंदगियों को पूरी तरह बदल दिया।
रिपोर्ट के अनुसार प्रसव के दौरान बच्ची फंस गई और इमरजेंसी सी-सेक्शन के जरिए उसे बाहर निकाला गया। इनिका का जन्म एकदम मरणासन्न स्थिति में हुआ था। 10 दिनों तक ICU में रहने और नहीं रोने के बाद डॉक्टरों का कहना था कि वो सर्वाइव नहीं कर पाएगी। उसे दुर्लभ प्रकार की ब्रेन इंजरी डाइगनोस हुई – HIE स्टेज 3। एमआरआई रिपोर्ट में ब्रेन में गंभीर चोट के निशान दिखे।
डॉक्टरों ने कहा कि अगर वो बच भी जाती है तो कभी एक सामान्य बच्चे जैसा नहीं रहेगी। वो जीवन भर बिस्तर पर रहेगी और बिना मेडिकल सपोर्ट के चल, बोल और खा भी नहीं पाएगी। इनिका के पिता रमन शर्मा कहते हैं – हमने अपनी निजी जिंदगी कुर्बान कर दी। डॉक्टरों ने कहा था कि इनिका कभी चल नहीं पाएगी, लेकिन एक दिन उसने खुद ही कुछ डगमगाते हुए कदम आगे बढ़ाए। यह डॉक्टर और मेरे पूरे परिवार के लिए चमत्कार था।
परिवार की मानें तो इनिका अब वो सब कर सकती है जो एक नॉर्मल बच्चा करता है। हालांकि, इस घटना ने परिजनों को काफी प्रभावित किया है। वो चिंतित हैं कि बतौर समाज हम स्पेशल बच्चों को क्या दे रहे हैं – प्यार और सहानुभूति या फिर कुंठा। फिलहाल, इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं है।
बता दें कि सेरेब्रल पाल्सी एक ऐसी स्थिति है, जो अक्सर बचपन में सामने आती है और बच्चे की शारीरिक एक्टिविटी, बैलेंस और मांसपेशियों के नियंत्रण को प्रभावित करती है। यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है और न ही समय के साथ बढ़ती है, लेकिन इसके प्रभाव जीवनभर बने रह सकते हैं। सही समय पर पहचान और इलाज से बच्चे की जिंदगी को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।
क्या है सेरेब्रल पाल्सी?
सेरेब्रल पाल्सी तब होती है, जब गर्भावस्था के दौरान, जन्म के समय या जन्म के तुरंत बाद बच्चे के मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है। यह नुकसान मस्तिष्क के उस हिस्से को प्रभावित करता है, जो शरीर की मूवमेंट और मांसपेशियों को नियंत्रित करता है। इसी कारण बच्चे को चलने, बैठने, बोलने या हाथ-पैरों को सही ढंग से इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है।
सेरेब्रल पाल्सी के प्रमुख कारण
डॉक्टरों के अनुसार इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क का ठीक से विकसित न होना, जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी, समय से पहले जन्म, नवजात में संक्रमण, तेज पीलिया या मस्तिष्क में रक्तस्राव इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। कुछ मामलों में जन्म के बाद सिर पर गंभीर चोट भी सेरेब्रल पाल्सी की वजह बन सकती है।
