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मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई केस में उम्मेद पहलवान अरेस्ट, धार्मिक भावनाएं भड़काने का है आरोप

गाजियाबाद पुलिस ने एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उम्मेद पहलवान इदरीसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र गाजियाबाद | Updated: June 19, 2021 3:13 PM
लोनी बुजुर्ग पिटाई केस में वीडियो वायरल करने वाले उम्मेद पहलवान को यूपी पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने लोनी के एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति से जुड़े ‘सांप्रदायिक वीडियो’ को लेकर समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता उम्मेद पहलवान इदरीसी को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि इदरीसी ने जो वीडियो वायरल किया था, उसमें बुजुर्ग ने कुछ युवकों द्वारा अपने ऊपर हमला करने का आरोप लगाया था। गाजियाबाद के एसएसपी ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने उम्मेद पहलवान को दिल्ली के लोक नारायण जय प्रकाश अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। बताया गया है कि उसे गाजियाबाद लाकर पूछताछ की जाएगी। इसके लिए पुलिस कोर्ट से उसकी रिमांड भी मांग सकती है।

उम्मेद के खिलाफ एक दिन पहले ही प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें विपक्षी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उम्मेद पहलवान इदरीसी पर सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करके और इसे ‘सांप्रदायिक रंग’ देकर घृणा को बढ़ावा देने और शांति भंग करने का आरोप लगाया गया है। इदरीसी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर खुद को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में उल्लेख किया है और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ अपनी कथित तस्वीरें पोस्ट की हैं।

क्या है बुजुर्ग की पिटाई का पूरा मामला?: गौरतलब है कि इदरीसी ने जो वीडियो वायरल किया था, उसमें बुजुर्ग मुसलमान अब्दुल शमाद सैफी ने गाजियाबाद के लोनी इलाके में चार लोगों पर उन्हें मारने, उनकी दाढ़ी काटने और उन्हें ‘‘जय श्री राम’’ बोलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने इदरीसी पर दर्ज एफआईआर में कहा, ‘‘उन्होंने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर बिना सत्यापित किए साझा किया, जिसमें धर्म से जुड़ी बात है। इसने घटना को सांप्रदायिक रंग दे दिया और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की।’’

इदरीसी पर अलग-अलग मामलों में केस: सपा कार्यकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए, 295ए, 504 , 505 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इदरीसी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया मंच फेसबुक ने इस पूरे प्रकरण की तथ्य-जांच करने का कोई प्रयास नहीं किया और भ्रामक वीडियो को प्रसारित होने दिया।

बता दें कि गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग पर कथित हमले के संबंध में जनसभा के दौरान कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में भी उम्मेद पहलवान पर केस दर्ज किया गया है। उसके साथ ताजुद्दीन, फिरोज मेवाती, आलम और जावेद नामक चार अन्य लोगों को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है।

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