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योगी सरकार में आजम खान पर मुकदमों की लंबी लिस्ट पर बोले सपा नेता- बस करिए, अब बहुत हो चुका

Azam Khan News: सपा नेता माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि आजम खां को जमानत मिल चुकी है, फिर भी योगी सरकार उन्हें परेशान करने के लिए रोज नए-नए हथकंडे अपना रही है।

योगी सरकार में आजम खान पर मुकदमों की लंबी लिस्ट पर बोले सपा नेता- बस करिए, अब बहुत हो चुका
सपा नेता आजम खान (फोटो- पीटीआई)

Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडेय ने आजम खान पर लगाए गए मुकदमों की लंबी लिस्ट को लेकर योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि बहुत हुआ, अब बस कर दो। विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आजम कोई माफिया या डकैत नहीं हैं, जो उन्हें इतने समय तक जेल में रखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन राज्य सरकार अभी भी उन्हें परेशान करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है।

उन्होंने कहा, “योगी सरकार ने लगातार तमाम प्रकार के फर्जी मुकदमे लगाए और आजम को जेल में डाला। ढाई साल से ज्यादा वह जेल में रहे और सुप्रीम कोर्ट से उनकी जमानत मंजूर हुई। जमानत के बाद भी यह सरकार उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से रोज नए-नए हथकंडे अपना रही है।” सपा नेता का कहना है कि जिस तरह से ये मुकदमे लिखे जाते हैं, इस तरह की प्रक्रिया कभी हुई नहीं है। छोटी-छोटी बातों पर मुकदमा लिखना, छोटी-छोटी बातों पर फर्जी ढंग से चालान करा देना।

“आजम के खिलाफ गवाहों को डराने धमकाने का झूठा मुकदमा”

माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले आजम खां की जमानत खारिज कराने के उद्देश्य से सरकार की ओर से या पुलिस अधिकारियों की तरफ से गवाहों को डराने-धमकाने का मुकदमा आजम खान के खिलाफ दर्ज किया गया। इसके साथ ही उन्होंने आजम खान की यूनिवर्सिटी पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अखरबारों से पता चला कि उनकी यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने के लिए वहां खुदाई कर रहे हैं। कह रहे हैं कि उनके स्कूल में सफाई करने वाली मशीन के टुकड़े जमीन में गाड़े गए थे। वहां से खोदकर निकाले जा रहे हैं। उसको निकालकर उन पर मुकदमा लिखा जा रहा है।”

सपा नेता ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय खोलने की बात करते हैं, लेकिन जिस तरह यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने की खुली छूट दी जा रही है वो उचित नहीं है।

उन्होंने आजम खां के जेल में बिताए दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि वह सीतापुर जेल में उनसे मिले थे, जहां आजम को फांसी के कैदियों की बैरक में रखा गया था, जिसमें वो दिन रात एक तख्त पर रहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आजम खान ने गैलरी का दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन वो दरवाजा भी नहीं खोला गया था। उन्होंने कहा कि जिस तरह अंग्रेजों ने अपने विरोधियों को कालकोठरियों में बंद कर उन्हें परेशान करने की कोशिश की थी, अगर वैसी ही प्रक्रिया इस लोकतांत्रिक सरकार में हुई तो अच्छी बात नहीं है।

उन्होंने कहा कि मैं सरकार से कहना चाहूंगा कि अब बहुत हो चुका। दो ढाई साल तो इमरजेंसी में भी बंद नहीं रहे। आजम ना कोई माफिया हैं ना डकैत हैं, जो उन्हें इस तरह जेल में रखा और उन पर छोटे-छोट मुकदमे दर्ज किए गए।

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