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किसान बोले थे- नेताओं को न इस्तेमाल करने देंगे मंच, पर महापंचायत में स्टेज पर पहुंचे अखिलेश-जयंत; बोले- जानते हैं, लाठी कब और कहा चलानी है

मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कहने को तो वह फकीर हैं, लेकिन ऐशोआराम की जिंदगी काट रहे हैं।

Akhilesh Yadav, Jayant Chaudhry, National Newsउत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपने टि्वटर हैंडल से यह फोटो शुक्रवार को शेयर किया। साथ ही लिखा- मथुरा की किसान महापंचायत में आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकजुटता का जन सैलाब उमड़ा। किसानों की ये एकता भाजपा की शोषणकारी दंभी सरकार को जड़ से उखाड़ देगी।

कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन पर अड़े किसान नेताओं ने साफ-साफ कहा था कि वे अपने प्रदर्शन को राजनीति का शिकार न होने देंगे। वे न तो खुद राजनीति करेंगे और न ही किसी राजनेता को किसानों के मंच को इस्तेमाल करने देंगे। पर शुक्रवार को यूपी के मथुरा में एक महापंचायत के दौरान दो बड़े नेता स्टेज पर नजर आए। इनमें पूर्व सीएम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी शामिल रहे। हैरत की बात है कि इस दौरान इन नेताओं और अन्य ने इस दौरान न तो मास्क पहने थे और न ही वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ था।

यादव ने बाजना स्थित मोरकी इंटर कॉलेज के मैदान में इस किसान महापंचायत में कहा, “किसान आंदोलन से और कोई घबराया हो या नहीं, लेकिन भाजपा जरूर घबरा रही है। जिस तरह से आप लड़ाई लड़ रहे हैं, भाजपा को पता चल गया है कि अब किसान नहीं रुकने वाला है। जब तक काले कानून वापस नहीं होंगे, यह लड़ाई चलती रहेगी।” उन्हें महापंचायत में एक लाठी भी भेंट की गई। इसी पर अखिलेश ने कहा- हम और जयंत (चौधरी) यह जानते हैं कि लाठी कब, और कहां पर चलानी है।

हालांकि, इस महापंचायत का आयोजन सपा और रालोद ने संयुक्त रूप से किया था। मंच पर यादव के साथ रालोद उपाध्यक्ष व मथुरा से पूर्व सांसद जयंत चौधरी भी मौजूद थे। किसान महापंचायत के मंच से दोनों नेताओं ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पूर्व सीएम ने आगे बताया, ‘‘भाजपा की सरकार ने नोटबंदी की थी, उससे क्या कालाधन वापस आया ? इसी प्रकार जबरिया जीएसटी कानून लागू किया। इससे कौन सा कारोबार बढ़ गया?’’

उन्होंने सरकार पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘लोगों ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाया, लेकिन भाजपा सरकार ने अपनी दोनों आंखें और कान बंद कर रखे हैं। उसे किसानों का दर्द सुनाई नहीं दे रहा। वादे के मुताबिक क्या किसानों की आय दोगुनी हुई है ? उल्टे, इस सरकार ने डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ा दी हैं। जिससे आम आदमी हलकान है।’’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए यादव ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री कहने को तो ‘‘योगी हैं, लेकिन योगी वही होता है, जो दूसरों का दुख अपना समझे। लेकिन वे दूसरों का दुख तो समझते नहीं। उल्टे लाल टोपी दिखे तो भड़क जाते हैं।’’

यादव ने कहा कि हमें नहीं पता कि लाल रंग देखकर कोई क्यों भड़क रहा है? अखिलेश ने कहा कि भाजपा साजिश रचने वाली पार्टी है। इसने हमें बांटकर सत्ता पाई है। लेकिल अब किसान एकजुट हो गया है। 2022 में वह भाजपा को सबक सिखाने के लिए सत्ता से जरूर हटाएगा। रालोद उपाध्यक्ष चौधरी ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार के लोग किसानों को अपमानित कर रहे हैं। यह सरकार घमंड में डूबी है। इसका घमंड तोड़ना होगा।’’ मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कहने को तो वह फकीर हैं, लेकिन ऐशोआराम की जिंदगी काट रहे हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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