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UP : विधानसभा में सपा-बसपा का हंगामा, राज्यपाल राम नाईक पर फेंके कागज के गोले, जूते पहनकर मेज पर चढ़े

लखनऊ में मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल राम नाईक का अभिभाषण शुरू होते ही सपा-बसपा के विधायक नारेबाजी करने लगे। उन्होंने राज्यपाल की तरफ कागज के गोले भी फेंके।

लखनऊ विधानसभा में सपा-बसपा विधायकों ने किया हंगामा। फोटो सोर्स : एएनआई

लखनऊ में मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल राम नाईक का अभिभाषण शुरू होते ही सपा-बसपा के विधायक नारेबाजी करने लगे। उन्होंने राज्यपाल की तरफ कागज के गोले भी फेंके। साथ ही, जूते पहनकर मेज पर भी चढ़ गए।

अभिभाषण शुरू होते ही नारेबाजी : राज्यपाल ने सुबह 11 बजे सदन में अभिभाषण पढ़ना शुरू किया तो विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। उन्होंने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाए। साथ ही, नाईक की तरफ कागज के गोले फेंके, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने फाइल कवर के सहारे रोक लिया। विपक्षी सदस्यों के लगातार शोरगुल के बीच राज्यपाल ने पूरा अभिभाषण पढ़ा और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं व उपलब्धियों की जानकारी दी।

राज्यपाल ने की सहयोग देने की अपील : सदन में हंगामे के बीच राज्यपाल ने कहा, ‘‘मैंने आपके समक्ष सरकार की प्रमुख नीतियों और कार्यों की संक्षिप्त रूपरेखा पेश की है। इस सत्र में वित्त वर्ष 2019-20 का आय-व्यय पेश किया जाएगा। साथ ही, अन्य विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनके पास होने की उम्मीद है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी सदस्य प्रदेश की जनता के हित में सरकार का सहयोग करेंगे। साथ ही, यह भी आशा करता हूं कि आप सभी सदन की गरिमा और पवित्रता को कायम रखेंगे।’’

सीएम योगी ने जताई नाराजगी : सदन में हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा-बसपा और कांग्रेस सदस्यों ने जिस तरह का आचरण किया, वह निंदनीय है। इस तरह के असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक प्रदर्शन से संसदीय लोकतंत्र और सदन की गरिमा भंग होती है। इससे साबित होता है कि इन दलों के सदस्यों की निष्ठा लोकतंत्र में नहीं है।

सदन में ऐसा व्यवहार तो सार्वजनिक माहौल में कैसा : मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सदस्यों ने गुंडागर्दी कर राज्यपाल की तरफ कागज के गोले फेंके। इससे स्पष्ट है कि सपा गुंडागर्दी वाले आचरण से अब भी बाज नहीं आ रही। सदन में वे इतने अराजक, अनुशासनहीन और बर्बर हैं तो सार्वजनिक जीवन में इनका आचरण कैसा होगा?

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