Son arrested on charges of murder of husband, 80 year old elderly woman demand for euthanasia in Uttar Pradesh - पति की हत्या के आरोप में बेटे को किया गिरफ्तार, इच्छामृत्यु की मांग लेकर धरने पर बैठी मां - Jansatta
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पति की हत्या के आरोप में बेटे को किया गिरफ्तार, इच्छामृत्यु की मांग लेकर धरने पर बैठी मां

वृद्धा ने रोते हुए बताया कि इस कार्यवाही से झुब्ध भोगनीपुर पुलिस उस समय उसके पुत्र को उठा ले गयी जब वह आईजी कानपुर कार्यालय में कार्यवाही के लिए प्रार्थनापत्र देने आया था और उसके पुलिस ने 302 का मुल्जिम बना दिया।

Author June 1, 2018 5:36 AM
सुनवाई नहीं हुई तो 80 वर्षीय वृद्ध मां कानपुर मण्डलायुक्त कार्यालय में धरना देकर बैठ गयी।

उत्तर प्रदेश की एक घटना में पिता की हत्या के आरोप में पुत्र को ही हत्यारा बना दिया गया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो 80 वर्षीय वृद्ध मां कानपुर मण्डलायुक्त कार्यालय में धरना देकर बैठ गयी। वृद्धा का कहना है कि या तो उसे न्याय दिया जाये या फिर इच्छा मृत्यु की इजाजत। मिली जानकारी के अनुशार कानपुर देहात के थाना भोगनीपुर,ग्राम सुजगवां की रहने वाली 80 वर्षीय वृद्ध राम प्यारी पत्नि स्व0 श्रीराम ने मण्डलायुक्त कार्यालय कानपुर में धरना देते समय बताया कि उनके पति की हत्या नृशंष तरीके से कर दी गयी थी, जिसमें उनके पुत्र वीर सिंह ने गांव के ही श्याम बिहारी, राम बिहारी पुत्र रामकेश के खिलाफ थाना भोगनीपुर में मुकदमा दर्ज कराया था। पति की हत्या होते हुए कई लोगो ने देखा था, बावजूद इसके भोगनीपुर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।

कार्यवाही न होने पर उच्च न्याया में याचिका दखिल की गयी,जिसके बाद आदेश होने के बावजूद जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो पुत्र वीर सिंह द्वारा उच्च न्यायालय में सभी अधिकारियों के विरूद्ध कन्टेम्ट आफ कोर्ट की कार्यवाही के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। वृद्धा ने रोते हुए बताया कि इस कार्यवाही से झुब्ध भोगनीपुर पुलिस उस समय उसके पुत्र को उठा ले गयी जब वह आईजी कानपुर कार्यालय में कार्यवाही के लिए प्रार्थनापत्र देने आया था और उसके पुलिस ने 302 का मुल्जिम बना दिया।

बताया कि भोगनीपुर पुलिस आरोपियों पैसा लेकर इस प्रकार की कार्यवाही की है। गुहार लगाते हुए कहा कि यह सरासर अन्याय है और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर अभियुक्तो तथा दोषी पुलिसकर्मियो पर कठोर कार्यवाही की जाए। यदि न्याय नहीं दे सकते तो मुझे इच्छा मृत्यु करने की अनुमति प्रदान की जाये,क्योंकि उनका कानून पर से विश्वास उठ गया है।

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