28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया। उनकी मौत से पूरा महाराष्ट्र शोक में डूब गया। 29 जनवरी को अजित पवार का अंतिम संस्कार किया गया। अजित पवार की मौत के तीन दिन बाद यानी 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
इस बीच, एनसीपी के विधायक अमोल मिटकरी ने विमान हादसे को लेकर बड़ा दावा किया है।
अमोल मिटकरी ने क्या कहा?
अमोल मिटकरी ने अकोले में कहा, ‘सरपंच ने बयान दिया था कि कोई विमान से कूदने की कोशिश कर रहा था। जब हम उसे देखने गए, तो अचानक एक धमाका हुआ। बाद में पता चला कि वहां पांच शव मिले हैं। यूजीसीए का कहना है कि विमान में छह लोग थे। इसके बावजूद केवल पांच शव मिले हैं, वहां मौजूद दस्तावेज कहीं से भी जले हुए नहीं हैं। क्या यह घात लगाकर हमला था या एक दुर्घटना?’
सामने आई अजित पवार की लास्ट कॉल रिकॉर्डिंग
मिटकरी ने आगे कहा, ‘जिस कंपनी का विमान था, वह एक साल से बंद थी। जैसा कि मैंने पहले कहा, यह कहा गया था कि अजित पवार की पहचान उनकी घड़ी से हुई थी। लेकिन अब यह बात भी गलत साबित हो गई है। घड़ी से उनकी पहचान नहीं हुई। यह भी कहा गया था कि उनकी पहचान उनके सफेद कपड़ों से हुई थी।’
अमोल मिटकरी ने कहा, ‘अजित पवार को गुजरे हुए छह दिन हो चुके हैं लेकिन उनकी मौत का रहस्य अब भी बना हुआ है। मुझे शक था, इसलिए मैंने यह मुद्दा महाराष्ट्र के सामने रखा। इस मामले में सीआईडी और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।’
विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग
एनसीपी विधायक ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से अनुरोध किया है कि इस मुद्दे पर एक दिन का विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर अजित पवार की मौत एक हादसा थी तो उन्हें चाहने वाले हर शख्स की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में सवाल उठाए।
विधायक ने कहा कि जो अजित पवार सीट बेल्ट लगाए बिना कार में नहीं बैठते थे, उनके साथ ऐसा विमान हादसा कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि यह सवाल हर किसी के मन में है।
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