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घाटी में बर्फबारी, बदले मौसम से ठिठुरा उत्तर भारत

कश्मीर घाटी और अन्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारीऔर शीतलहरी ने पूरे उत्तर भारत का मौसम बदल दिया है। कई इलाकों में कड़ाके की सर्दी लौट आई है।

, नई दिल्ली / श्रीनगर / जयपुर | January 16, 2016 1:41 AM
कश्मीर घाटी और अन्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारीऔर शीतलहरी ने पूरे उत्तर भारत का मौसम बदल दिया है। कई इलाकों में कड़ाके की सर्दी लौट आई है। (फाइल फ़ोटो पीटीआई)

कश्मीर घाटी और अन्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारीऔर शीतलहरी ने पूरे उत्तर भारत का मौसम बदल दिया है। कई इलाकों में कड़ाके की सर्दी लौट आई है। बदले मौसम और धुंध का असर रेलगाड़ियों की आवाजाही पर भी पड़ा है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं और कई रद्द कर दी गई हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस ठंड का असर अभी रहेगा। दिल्ली वालों को मौसम ने शुक्रवार को अपने बदले तेवर का अहसास कराया। कुदरत के बदले तेवर ने मकर संक्रांति को ठंड से जकड़ दिया। आम तौर पर मकर संक्रांति को सर्दी की विदाई का संकेत माना जाता है। लेकिन मौसम के बदलते मिजाज से हर कोई अचरज में है। पिछले दिनों जिस तरह कम ठंड पड़ रही थी उससे मौमस विज्ञानियों के साथ-साथ लोगों को लगने लगा था कि दिल्ली से सर्दी छू-मंतर हो गई है।

लेकिन शुक्रवार को दिन भर दिल्ली और एनसीआर के इलाके कोहरे की चादर में लिपटे रहे, जिससे दिन भर सूरज की रोशनी धरती पर नहीं पड़ी। इसका असर आवागमन पर पड़ता दिखा। खराब रोशनी के चलते 60 ट्रेनें रद्द की गईं। हालाकि तकनीक की वजह से आइजीआइ हवाईअड्डे पर विमान सेवा सामान्य रखी जा सकी। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि न्यूनतम तापमान करीब नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सुबह साढ़े आठ बजे मौसम में आर्द्रता 95 फीसद रही। मगध एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस और पूर्वा एक्सप्रेस समेत दिल्ली आने वाली कम से कम 10 ट्रेनें तय समय से देर चलीं। शाम के समय भी दृश्यता के स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह भी घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

उधर कश्मीर घाटी के अधिकतर भागों में तापमान गिरा है, जबकि सीमावर्ती लद्दाख क्षेत्र के लेह कस्बे में न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस बढ़कर शून्य से नीचे 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में करगिल सबसे अधिक ठंडा रहा। हालांकि वहां पर भी रात का तापमान पिछली रात के मुकाबले बढ़कर शून्य से नीचे 12.0 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछली रात को करगिल में तापमान शून्य से नीचे 12.4 डिग्री सेल्सियस था। उन्होंने कहा कि घाटी के पहलगाम और काजीगुंड में न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई, जबकि अन्य स्थानों में पारे में कमी आई। अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात को वहां का तापमान शून्य से नीचे 2.9 डिग्री सेल्सियस था।

पहलगाम में न्यूनतम तापमान पिछली रात के मुकाबले एक डिग्री सेल्सियस बढ़कर शून्य से नीचे 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि काजीगुंड में न्यूनतम पारा शून्य से नीचे 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं दक्षिण कश्मीर के गुलमर्ग और कोकरनाग कस्बों में न्यूनतम तापमान लगभग एक डिग्री सेल्सियस गिर कर शून्य से नीचे 5.6 डिग्री सेल्सियस और शून्य से नीचे 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा में पारे में हल्की-सी कमी आई और यह शून्य से नीचे 2.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि 31 जनवरी तक खत्म होने वाले 40 दिनों के सबसे अधिक शीतकालीन समय ‘चिल्लाई कलां’ के बचे हुए अधिकतर दिनों में अब मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार कश्मीर में पिछले साल की तरह शुष्क जनवरी हो सकती है और इस महीने के बचे हुए दिनों में बर्फ गिरने की संभावना कम है।

जयपुर से मिली खबर के अनुसार, राजस्थान के कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी तरफ पड़ोसी राज्यों में कोहरे के कारण उत्तर-पश्चिम रेलवे की 9 सवारी गाड़ियां देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, राजस्थान के कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट के कारण सर्दी का अहसास फिर से होने लगा है। पिलानी में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री, पर्वतीय पर्यटक स्थल माउंट आबू में 6.4 डिग्री, चुरू में 6.8 डिग्री, सीकर में 7 डिग्री, बीकानेर में 7.3 डिग्री और राजधानी जयपुर में 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पंजाब, हरियाणा और उत्तरप्रदेश में पड़ रहे कोहरे के कारण उत्तर-पश्चिम रेलवे की 9 सवारी गाड़ियां 35 मिनट से 2 घंटे 50 मिनट तक की देरी से चल रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि वाराणसी-जोधपुर 2 घंटे 50 मिनट, सियाहदाह-अजमेर 2 घंटे 35 मिनट की देरी से चल रही है, जबकि अजमेर-जम्मूतवी के प्रस्थान समय में परिवर्तन किया गया है।

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