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जब गणतंत्र दिवस पर दिख रही थी ‘नारी शक्ति’, तभी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित महिला कॉन्स्टेबल के साथ हो रही थी छेड़छाड़

सोशल मी़डिया के जरिए गरीब मरीजों का इलाज कारवाने वाली पुलिस कॉन्स्टेबल स्मिता तांडी को दो साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सम्मानित किया था। स्मिता तांडी छत्तीसगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं। वे जीवनदीप समूह बनाकर जरूरतमंदों को इलाज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से सम्मान प्राप्त करतीं स्मिता टांडी।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर जहां पूरी दुनिया देश की नारी शक्ति देख रही थी वहीं राष्ट्रपति से सम्मानित एक महिला के साथ चलती ट्रेन में छेड़छाड़ हो रही थी। मामला छत्तीसगढ़ का है। यहां साउथ बिहार एक्स्प्रेस में गरीबों का मसीहा नाम से मशहूर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित महिला पुलिस कॉन्स्टेबल स्मिता टांडी के साथ एक सख्स छेड़खानी कर रहा था। अपने साथ छेड़-छाड़ पर स्मिता ने ट्वीट कर आरपीएफ और लोगों से मदद की गुहार लगाई। आरपीएफ ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए छेड़खानी के आरोपी शख्स को धर दबोचा। दरअसल हुआ ये कि स्मिता तांडी बिलासपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंची थी। वहां से वापसी में उन्होंने साउथ बिहार एक्स्प्रेस पकड़ी। स्मिता जनरल बोगी में सवार थीं। उसी बोगी में खुद को असिस्टेंट प्रोफेसर बताने वाला आरोपी भी सवार था। जैसे ही ट्रेन स्टेशन से चली प्रोफेसर ने स्मिता तांडी के साथ बदतमीजी शुरू कर दी थी। पहले तो स्मिता ने इग्नोर करना शुरू किया। लेकिन, जब अपनी हरकतों से प्रोफेसर बाज नहीं आया तो फिर स्मिता तांडी ने ट्वीट कर मदद मांगी। कुछ ट्वीट के जरिए स्मिता ने ना सिर्फ घटना का अपडेट दिया बल्कि ये भी बताया कि उस वक्त ट्रेन कहां थी। मदद मांगने के लिए स्मिता ने भाटापारा आरपीएफ से संपर्क भी किया।

स्मिता के ट्वीट को आरपीएफ ने बेहद ही गंभीरता से लिया। जैसे ही ट्रेन भाटापारा पहुंची आरपीएफ की टीम वहां पहले से मौजूद थी। स्मिता की शिकायत के बाद आरोपी अस्टिटेंट प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि उसके रोने गिड़गिड़ाने के बाद स्मिता ने एफआईआर दर्ज नहीं कराया।

स्मिता तांडी साथी महिला कॉन्स्टेबल्स के साथ।

आपको बता दें कि सोशल मी़डिया के जरिए गरीब मरीजों का इलाज कारवाने वाली पुलिस कॉन्स्टेबल स्मिता तांडी को दो साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सम्मानित किया था। स्मिता तांडी छत्तीसगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं। वे जीवनदीप समूह बनाकर जरूरतमंदों को इलाज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रही हैं। फेसबुक पर उनके आठ लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

स्मिता तांडी।

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