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दिल्ली मेट्रोः 1 अप्रैल के बाद रिफंड नहीं होंगे स्मार्ट कार्ड के पैसे

डीएमआरसी के आदेशों के अनुसार पुराने कार्ड्स पर भी रिचार्ज कराई गई राशि को वापस हासिल नहीं किया जाएगा।

दिल्ली मेट्रो ( photo source – Indian Express)

यह खबर दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों के लिए है। अगर आप मेट्रो कार्ड को 1 अप्रैल 2017 के बाद जमा करते हैं तो आपको आपके कार्ड में बची राशि नहीं मिलेगी। डीएमआरसी ( दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) ने यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश के बाद लिया है। आरबीआई ने मेट्रो के स्मार्ट कार्ड को इंटरऑपरेबल यानी कई जगह चलने के अनुकूल बनाने की बात कही थी। डीएमआरसी के आदेशों के अनुसार पुराने कार्ड्स पर भी रिचार्ज कराई गई राशि को वापस हासिल नहीं किया जाएगा। इसका मतलब मेट्रो स्मार्ट कार्डधारकों को रिचार्ज कराई गई राशि को यात्रा करके ही खर्च करना होगा।

डीएमआरसी एक अप्रैल से मौजूदा और नए कार्डों को नॉन-रिफंडेबल कार्ड्स में बदली करने का काम शुरु करेगी। इसमें डीएमआरसी ने साफ किया कि कार्ड की खरीद के वक्त जमा कराई गई सिक्यॉरिटी की राशि उन्हें वापस मिल सकेगी। पुराने कार्ड धारकों को 31 मार्च तक का समय दिया जाएगा। 31 मार्च से पहले यदि कोई मेट्रो स्मार्ट कार्ड वापस करने पर वो अपनी बाकी बची रकम को वापस ले सकता। डीएमआरसी के मुताबिक ये फैसला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशानिर्देशों के तहत लिया गया है। इसके अलावा मेट्रो स्मार्ट कार्ड को अध‍िकतम 2000 रुपए तक रीचार्ज किया जा सकेगा।

डीएमआरसी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल, 2017 के बाद कार्ड वापस करने पर जरूरी चार्ज की कटौती के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट मनी वापस की जाएगी। डीएमआरसी दिल्ली मेट्रो को आधुनिक बनाने के लिए कई पहले करती रहती है इससे पहले दिल्ली मेट्रो के यात्री सभी स्टेशनों पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड स्वैप कराकर अपना स्मार्ट कार्ड रिचार्ज करने की सुविधा दी थी। नोटबंदी के बाद ऑनलाइन भुगतान में कमी आने और यात्रियों से मिल रही शिकायतों के बाद मेट्रो ने सभी स्टेशनों को कार्ड स्वैप मशीनों से लैस करने का फैसला किया। जिसके बाद लोगों ने इसे काफी पसंद किया था।

एक आंकड़े के मुताबिक दिल्ली मेट्रो में हर रोज़ करीब 26 लाख यात्री  सफर करते हैं। दिल्ली मेट्रो में पॉकेटमारी पर बोलते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘दिल्ली मेट्रो में पॉकेटमारी के अपराध में शामिल लोगों में 91 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ऐसा मालूम हुआ है कि ये महिलाएं बच्चे के साथ समूह में चलती हैं और महिलाओं तथा पुरुषों के पर्स और अन्य कीमती सामान चुरा लेती हैं।’ पिछले वर्ष गिरफ्तार पॉकेटमारों में 93 प्रतिशत महिलाएं थीं।

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