Delhi News: दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उस पर आरोप है कि उसने नई दिल्ली के डीसीपी ऑफिस की दीवारों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लिखे थे। इस बात की जानकारी सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को दी है।

सूत्रों के मुताबिक, डीसीपी ऑफिस के एंट्री गेट के पास काले रंग से “अमित शाह शर्म करो” जैसे नारे स्प्रे-पेंट किए गए थे। बाद में पुलिस अधिकारियों ने सफेद पेंट से उसे ढक दिया। आरोपी की पहचान करण के रूप में हुई। उसे शुक्रवार को झारखंड से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उसे बाद में जमानत मिल गई और दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया।

राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने में दिया था धरना

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उसके खिलाफ अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है। यह घटना उसी दिन हुई जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में धरना दिया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि नारे लिखने में करण के साथ कोई और भी शामिल था या नहीं। आगे की जांच चल रही है।

शुक्रवार को राहुल गांधी ने सात घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। वे कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान 19 साल के एक युवक को लगी पैलेट गन की चोट के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। गांधी के साथ घायल युवक साहिल और उसकी मां भी थे। साहिल की दाईं आंख में पैलेट गन की चोट लगी थी। गांधी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होना न्याय की दिशा में पहला कदम है।

अमित शाह की अंतिम मंजूरी के बाद दर्ज की गई एफआईआर- राहुल गांधी

गांधी ने एफआईआर दर्ज होने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीसीपी नई दिल्ली ऑफिस के गेट के बाहर भी अलग से धरना दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एफआईआर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया, “आपको समझना चाहिए कि एफआईआर कौन रोक रहा था। ये पुलिसकर्मी एफआईआर दर्ज करना चाहते थे, लेकिन ऊपर से न्याय की प्रक्रिया को रोक दिया गया।”

बाद में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। ये धाराएं खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल करके जानबूझकर चोट पहुंचाने और लापरवाही या गैर-जिम्मेदाराना हरकत से इंसानी जिंदगी को खतरे में डालने से संबंधित हैं।

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचाब के मामले में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम सामने आया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी साहिल लोचाब के साथ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे और उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…