पौने पांच करोड़ की हेराफेरी, छह गिरफ्तार व 25 लाख बरामद- Six motorcycle thieves arrested for stealing 12 bikes worth Rs 5 lakh - Jansatta
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पौने पांच करोड़ की हेराफेरी, छह गिरफ्तार व 25 लाख बरामद

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के खाते से जाली चेकों के जरिए पौने पांच करोड़ रुपए निकालने वाले बेहद शातिर गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं।

Author सहारनपुर | February 22, 2018 1:27 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के खाते से जाली चेकों के जरिए पौने पांच करोड़ रुपए निकालने वाले बेहद शातिर गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं।
जिलाधिकारी प्रमोद कुमार पांडे और एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि 18 जनवरी को एनएचएआइ के इंडसइंड बैंक के खातों से फर्जी चैकों के जरिए दो करोड़ छियासठ लाख रुपए निकाले जाने की जानकारी प्रकाश में आई थी। पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो पता चला कि निकाली गई रकम पौने पांच करोड़ रुपए थी। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार पांडे ने बताया कि इस गिरोह का मास्टर माइंड ओमप्रकाश श्रीवास्तव है जो मूलरूप से बनारस का रहने वाला है। जो अन्य सदस्य इस मामले में गिरफ्तार किए गए-उनमें मासूम अली, सलमान, इस्लामुद्दीन और बैंक के प्रबंधक अमन जैन व गौरव गर्ग आदि हैं। अभी मामले की जांच जारी है।

पुलिस प्रशासन ने इस प्रकरण का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा भी की। इस मामले की जांच थाना सदर बाजार, सहारनपुर के प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा की अगुवाई में की गई। इसमें दरोगा संजीव भटनागर, सर्विलांस प्रभारी मुबारिक हसन, कांस्टेबल विपिन हुड्डा, विपिन कौशिक, तरुण शर्मा, विनीत तोमर, सुमित शर्मा, मनोज चौहान और अंकुश चौहान आदि शामिल थे।

जिलाधिकारी ने बताया कि इंडसइंड बैंक के प्रबंधक गौरव गर्ग ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने इस मामले का शुरुआती चरण में पता चलने पर इसकी उच्चाधिकारियों को जानकारी दी थी, जिन्होंने इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया था। ओमप्रकाश श्रीवास्तव, मासूम अली, इस्लामुद्दीन, सलमान की गिरफ्तारी महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से की गई। एसएसपी का कहना था कि इस गिरोह के सदस्य आधुनिक मशीनों के जरिए नकली चेक तैयार करते थे और उसके जरिए बैंक से रकम की निकासी करते थे।
जिलाधिकारी प्रमोद पांडे ने इस पर हैरत जताई कि एनएचएआइ जैसी बड़ी संस्था का बैंक खाता किसी राष्ट्रीयकृत बड़े बैंक के बजाए प्राइवेट बैंक में खुला हुआ था।

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