ताज़ा खबर
 

56 वर्षीय शख्स के शरीर से निकली भारत की सबसे बड़ी किडनी, साढ़े 7 किलो है वजन, जानें क्या है World Record

डॉ. सचिन कथूरिया ने कहा कि चिकित्सा साहित्य की जांच करने के बाद, हमें पहले दो भारी किडनी निकालने की रिपोर्ट मिली। एक 9 किग्रा (यूएसए) और दूसरी 8.7 किग्रा (नीदरलैंड)। हमारा मानना है कि यह अब तक निकाली गई तीसरी सबसे भारी किडनी है।

Author नई दिल्ली | Published on: November 26, 2019 1:21 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

आस्था सक्सेना

सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित 56 वर्षीय व्यक्ति की एक किडनी ( kidney) निकाली, जिसका वजन 7.4 किलोग्राम हो गया था। साथ ही, इसका साइज 32 सेमी x 21.8 सेमी था। बता दें कि एक सामान्य किडनी का वजन 120-150 ग्राम होता है। डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने जो किडनी निकाली है, उसका वजन दो नवजात शिशुओं के वजन के बराबर है। यह भारत में सबसे भारी और दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी किडनी है। यह व्यक्ति ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (ADPKD) से पीड़ित था। यह बीमारी किडनी फेल होने के कारण होती है। इस स्थिति में  किडनी को रिप्लेसमेंट या उसके थैरेपी की जरूरत होती है।

दुबई में निकाला गया था 4.2 किग्रा. का किडनी: बता दें कि इस हटाई गई किडनी के लिए वर्तमान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दुबई के एक अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा दर्ज कराया गया था, जिन्होंने 2017 में किडनी के बीमारी से पीड़ित एक मरीज के शरीर से 4.25 किलोग्राम वजन की किडनी (kidney) निकाली थी। हालांकि डॉक्टरों ने दो अन्य मामलों का पता लगाया जहां किडनी को हटा दिया गया था, जिनका वजन बहुत अधिक था।

26/11 Mumbai Attack Anniversary LIVE Updates

इससे पहले 9 किग्रा और 8.7 किग्रा की किडनी निकाली गई है: सर गंगा राम अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के सलाहकार डॉ. सचिन कथूरिया ने कहा कि चिकित्सा साहित्य की जांच करने के बाद, हमें पहले दो भारी किडनी निकालने की रिपोर्ट मिली। एक 9 किग्रा (यूएसए) और दूसरी 8.7 किग्रा (नीदरलैंड)। हमारा मानना है कि यह अब तक निकाली गई तीसरी सबसे भारी किडनी है। हमने पाया कि भारत में किसी ने भी इतनी भारी किडनी निकालने की अब तक सूचना नहीं दी है। सचिन कथूरिया ने कहा डॉक्टर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन करने की योजना बना रहे हैं।

एक समय बाद किडनी खराब हो जाता है: डॉक्टरों के अनुसार, मरीज ने पिछले महीने दर्द और गंभीर संक्रमण के साथ अस्पताल दिखाने आया था। रोगी एंटीबायोटिक दवाओं पर था, लेकिन यह भी दवा काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने पीड़ित व्यक्ति का सीटी स्कैन कराया। डॉ. कथूरिया ने कहा कि यह एक अनुवांशिक स्थिति है, एक निश्चित समय के बाद किडनी खराब हो जाते हैं और पुटी बना लेते है। इसके बाद कार्यरत उत्तकों को पुटी द्वारा प्रतिस्थापित कर देता है। पुटी पानी से भरा गुब्बारे की तरह होता है।

Hindi News Today, 26 November 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

दर्द के वजह से ऑपरेशन करना पड़ा: इस तरह के पीड़ितों की किडनी ट्रांसप्लांट नहीं करते हैं जो प्रत्यारोपण के दौर से गुजर रहे हैं या डायलिसिस पर हैं, लेकिन इस मामले में दर्द और संक्रमण के कारण हमें ऑपरेशन करना पड़ा। डॉ. ने आगे कहा कि पीड़ित की अन्य किडनी इससे अधिक भारी है लेकिन हमें इसे हटाना पड़ा क्योंकि यह खराब हो चुका थी। रोगी को छुट्टी दे दी गई है और अब वह डायलिसिस पर है।

बीमारी वाले लोगों के लिए, यदि संक्रमण, रक्तस्राव या गुर्दे का ट्यूमर है, तो गुर्दे हटा दिए जाते हैं। यह रोग 700-1,000 व्यक्तियों में से 1 में पाया जाता है और दुनियाभर में ऐसे 12.5 मिलियन मामले हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर भड़का इंदौर का ‘Dancing Cop’, ड्राइवर को बीच सड़क पर मारी लातें, Video Viral
2 महाराष्ट्र: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- बुधवार को कराएं फ्लोर टेस्ट; गदगद कांग्रेस बोली- संविधान ‘धन और बाहुबल’ से अधिक शक्तिशाली
जस्‍ट नाउ
X