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एक महीना चलने वाला श्रावणी मेला शुरू: मोदी ने किया उद्घाटन, चौबे भी रहे मौजूद

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को सुलतांगज गंगाघाट पर एक समारोह के तहत कांवड़ियों के सावन मेले का उदघाटन किया।

फोटो – कांवड़ियों के सावन मेले का उदघाटन करते मंत्रियों का समूह।

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को सुलतांगज गंगाघाट पर एक समारोह के तहत कांवड़ियों के सावन मेले का उदघाटन किया। और बोले कि मेले के विकास के वास्ते केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है। इसी के तहत कांवड़िया सर्किट से इसे जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने 52 करोड़ 35 लाख रुपए बिहार सरकार को मुहैया कराए है। स्वागत भागलपुर के ज़िलाधीश प्रणब कुमार ने किया। उदघाट्न के मौके पर दिल्ली से केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे समेत बिहार सरकार के आधा दर्जन मंत्री , विधायक मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए 2005 में राजग बिहार सरकार ने कच्चे रास्ते निर्माण का वायदा किया था। जिसे पूरा हुआ आज देख रहे है। बिहार के पर्यटन विकास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खास ध्यान है। इस मद में छह सौ करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने दिए है। गंगानदी को आने वाले दो साल में प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में काम चल रहा है।

वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहाकि सावन के कांवड़िया मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने के वास्ते प्रधानमंत्री से गुजारिश की है। फिर भी कांवड़ियों को रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो , इसका ख्याल राजग की बिहार सरकार रख रही है। इधर कांवड़ियों के बोलबम के जैकारे के साथ सुलतानगंज गूंज उठा है। सोमवार को सावन की पहली सोमवारी है। सुल्तानगंज – देवघर का 105 किलोमीटर का रास्ता गेरुआ वस्त्र धारियों से पट गया है। एक महीने तक चलने वाले इस मेले में शिवभक्त सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर देवघर में द्वादस ज्योर्तिलिंग पर जलाभिषेक करते है। पहाड़ों , जंगलों , और नदी नालों से होकर गुजरने वाले इस दुर्गम यात्रा को छोटे – बड़े – बच्चे और महिलाएं गेरुआ बाना पहने बोल बम के नारे लगाते हुए नंगे पांव पैदल तय करते है । यह सिलसिला 27 जुलाई से 26 अगस्त तक अनवरत चलेगा।

हरेक साल सावन के शुरू होते ही अपनी मनोकामनाओं को लेकर कांवड़िए बाबा का जलाभिषेक करते हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन में उत्तरवाहिनी गंगा का जल बाबा बैद्यनाथ पर चढ़ाने से लोगों की मनोकामना पूरी होती है। सुल्तानगंज ही एक ऐसा स्थान है जहां गंगा आकर उत्तरवाहिनी हुई है। देवघर बाबा मंदिर में पहुंच ये यात्री 22 मंदिरों में पूजा अर्चना करते है। शुक्रवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री मेले का उदघाट्न सुलतांगज आकर करेंगे।

हरेक साल सावन के मेले में देश ही नहीं नेपाल , भूटान , सूरीनाम जैसे विदेशों से भी तीर्थ यात्री आते है। एक अनुमान के मुताबिक बीते साल 50 लाख श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलार्पण किया था। अबकी दफा प्रशासन का अनुमान 20 फीसदी बढ़ोतरी होने का है। झारखंड और बिहार सरकार ने मेले के दौरान यात्रियों की सुख सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम करने का दावा किया है। प्रशासनिक अफसरों की साझा बैठक देवघर में 17 जुलाई को इस बाबत हुई थी। इसके अलावे स्वयं सेवी संगठनों ने यात्रियों के सहायतार्थ कई शिविर लगाए है। इन स्वयं सेवी संस्थाओं में अनेक राज्य के बाहर की है। बिहार सरकार ने तो इसे राजकीय मेला घोषित किया है।

भारतीय रेलवे ने मेला अवधि के दौरान सात जोड़ी ट्रेनें चलाने का दावा किया है। साथ ही सुल्तानगंज स्टेशन होकर गुजरने वाली हरेक ट्रेन के ठहराव का आदेश जारी किया है। जो सावन महीने तक यह फरमान लागू रहेगा। राज्य परिवहन निगम की बसों को राज्य के किसी भी इलाके से देवघर तक यात्रियों को ले जाने लाने का इंतजाम किया है।सुलतानगंज और देवघर मंदिर प्रांगण में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने और भीड़ भगदड़ पर कड़ी निगाह रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। गंगाघाट , शिवगंगा, मंदिर प्रांगण और शहरी क्षेत्र में दूधिया लाइट व सोडियम और हाईमास्क रोशनी से सराबोर कर दिया है।

सावन मेले के इस पावन मौके पर न सिर्फ सुलतानगंज या देवघर पूरा प्रदेश बोलबम के जयघोष से गूंज जाता है। राज्य का करीबन हरेक ग़ांव और कस्बा केसरिया वस्त्रों से सुसज्जित कावड़ियों की भीड़ से पटा रहता है। सत्यम – शिवम – सुंदरम की भावना से ओतप्रोत यह मेला एकता – सदभाव और आस्था का प्रतीक है।

मेले में अबकी दफा हिफाजत के ख़ास इंतजाम किए है। भागलपुर के आईजी सुशील खोपड़े , आयुक्त राजेश कुमार , डीआइजी विकास वैभव , एसएसपी आशीष भारती , डीएम प्रणब कुमार , मुंगेर के डीआईजी जितेंद्र कुमार मिश्रा , एसपी गौरी मंगला उधर देवघर के डीसी राहुल कुमार, एसपी नरेंद्र कुमार सिंह ख़ास नजर रखे है। सुलतानगंज से देवघर तक कई जगहों पर पुलिस शिविर बनाए है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए है।यूँ कह सकते है कि मेले की सफलता के लिए भागलपुर , मुंगेर , बांका , देवघर और दुमका जिला प्रशासन ने आपसी समन्वय से बड़े पैमाने पर तैयारियां करने का दावा किया है।

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