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इलाहाबाद में ठेकेदार पर हमला, दिनदहाड़े बमबाजी में कवि निराला के पौत्र सहित 4 घायल

निराला के पौत्र अखिलेश त्रिपाठी बुधवार की सुबह दारागंज सब्जी मंडी गए थे। उसी वक्त बाइक सवार दो बदमाशों ने बालू ठेकेदार गगन निषाद को गोली मारी और वहां ताबड़तोड़ बमबाजी कर मौके से फरार हो गए।

Author नई दिल्ली | September 21, 2017 1:01 PM
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में दारागंज थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह बाइक सवार बदमाशों ने एक ठेकेदार पर जानलेवा हमला करते हुए ताबड़तोड़ बमबाजी की। सब्जी मंडी में दिनदहाड़े हुई इस बमबाजी में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के पौत्र सहित चार लोग घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। निराला के पौत्र अखिलेश त्रिपाठी बुधवार सुबह दारागंज सब्जी मंडी गए थे। उसी वक्त बाइक सवार दो बदमाशों ने बालू ठेकेदार गगन निषाद को गोली मारी और वहां ताबड़तोड़ बमबाजी कर मौके से फरार हो गए। बमबाजी में निराला के पौत्र अखिलेश त्रिपाठी व दो महिलाओं को चोटें आईं। गोली लगने से ठेकेदार घायल हो गया।

वारदात की जानकारी की मिलते ही दारागंज सीओ मौके पर पहुंचे और घायलों को स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभाले 6 महीने हो चुके हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि इस दौरान अपराधियों पर पुलिस की सख्ती तो बढ़ी है लेकिन अपराध का ग्राफ भी राज्य में बढ़ा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार 19 सिंतबर को अपनी सरकार के 6 महीने के कार्यकाल का रिपोर्टकार्ड पेश करते हुए कहा था कि मार्च 2017 से पहले प्रदेश में जंगलराज था। इससे मुक्ति दिलाना, उनकी सरकार की प्राथमिकता थी। इस दिशा में सरकार की तत्परता का ही नतीजा है कि पिछले छह माह में प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ है, जबकि पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में हर हफ्ते दंगे की औसतन दो वारदात होती थीं।

दिलचस्प है कि पिछले छह माह के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की 431 घटनाएं हुई हैं, जिनमें 17 दुर्दांन्त अपराधी मारे जा चुके हैं। वहीं, 668 इनामी अपराधियों समेत 1106 बदमाश गिरफ्तार किये जा चुके हैं। साथ ही 69 अपराधियों की सम्पत्तियां जब्त की गई हैं। सीएम योगी के राज में एनकाउंटर की घटनाओं को देखें तो पता चलता है कि 19 मार्च 2017 को सत्ता संभालने के बाद योगी राज में हर 12 घंटे में एक एनकाउंटर हुआ है। ये सब तो ठीक है लेकिन इलाहाबाद जैसी घटनाएं यही साबित करती हैं कि योगी आदित्यनाथ का राज्य से अराजकता खत्म कर देने की दावा गलत है।

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