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शिव का संबंध भारत से तो है ही पर जापान, यूरोप तक साइंस में भी उनका प्रत्यक्ष और परोक्ष प्रभाव है, ये लोग काशी में ही उन्‍हें लांछित कर रहे, बोले सुधांशु त्रिवेदी

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ऑस्ट्रियन साइंटिस्ट ने लिखा, ‘ब्रह्माण्ड का सृजन और विध्वंस अब भगवान शंकर के डांस की तरह है।

Sudhanshu Trivedi | gyanvapi | varanasi
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भगवान शिव का संबंध साइंस में भी है। ( फोटो सोर्स: @SudhanshuTrived)।

ज्ञानवापी मस्जिद में फव्वारा है या शिवलिंग? इस मुद्दे पर हिंदू और मुस्लिम पक्ष का अलग-अलग दावा है। हिंदू पक्ष इसको शिवलिंग बता रहा है। वहीं मुस्लिम पक्ष फव्वारा कह रहा है। एक टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भगवान शंकर का संबंध भारत से तो है ही, लेकिन दूर-दूर तक मंगोलिया, जापान और यूरोप तक है। शिव का संबंध संस्कृति ही नहीं, साइंस में भी उनका प्रत्यक्ष व परोक्ष प्रभाव विध्यमान है, जो देश हिंदू नहीं हैं। इस विराट प्रभाव पर गर्व करने की बजाए उसे काशी में ही लांछित करने का प्रयास पीड़ादायक है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आप भूल गए, आप पूछते हैं कि नंदी से क्या ताल्लुक नेपाल नरेश का? उन्होंने पूछा कि क्या भगवान पशुपतिनाथ के स्थान के राजा का नंदी से संबंध नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर का संबंध मंगोलिया से भी है। जहां बड़े-बड़े मकबरे बने हैं उनके पास में बड़े-बड़े त्रिशूल की फोटो लगी हुई है, जाकर चेक कर लीजिएगा। इतना ही नहीं, सन लैबोरेट्री में भगवान शंकर की तांडव करती हुई मूर्ति लगी हुई है।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, ‘गॉड पार्टिकल जिसको हिग्‍स बोसोन भी कहते हैं, उसके नीचे ऑस्ट्रियन साइंटिस्ट ने लिखा, ‘ ब्रह्माण्ड का सृजन और विध्वंस अब भगवान शंकर के डांस की तरह है।’ त्रिवेदी ने कहा कि जापान में एक देवता हैं, जिनको मकरतन कहा जाता है, वह भी भगवान महाकाल के प्रतीक हैं। नंदी से संबंध कहां-कहां तक है आपको पता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि ये लोग तो हिंदू भी नहीं हैं, उसके बावजूद वे भगवान शंकर से अपना संबंध जोड़ते हैं और भगवान शंकर का संबंध साइंस से भी जुड़ता है, संस्कृति से भी जुड़ता है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यहां मामला मंदिर और मस्जिद का नहीं है। यहां मुस्लिम समाज के सामने दो विकल्प हैं। एक मुगलिया विरासत को ओढ़ना और एक मुगलिया विरासत को छोड़ना। अब यह उनको तय करना है। उन्होंने कहा कि मेरे विचार से इस्लाम अम्ल ए रसूल है, अम्ले बादशाहत नहीं। बाबर के साथ किसी मस्जिद का नाम जोड़ना या फिर औरंगजेब के नाम के साथ नाम जोड़ना मेरे विचार से गलत है।

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