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यूपी निकाय चुनाव: बीजेपी की यह ‘सहयोगी’ पार्टी उसी के खिलाफ ठोकेगी ताल

शिवसेना ने प्रदेश की सभी महापौर की सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। इसी क्रम में पार्टी ने लखनऊ और कानपुर नगर निगम के मेयर प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है।
शिवसेना ने उत्तर प्रदेश में हो रहे स्थानीय निकाय चुनाव में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का मन बनाया है।

शिवसेना ने उत्तर प्रदेश में हो रहे स्थानीय निकाय चुनाव में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का मन बनाया है। पार्टी का निर्णय है कि वह उप्र में मुंबई की तर्ज पर निकाय चुनाव लड़ेगी। शिवसेना ने प्रदेश की सभी महापौर की सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। इसी क्रम में पार्टी ने लखनऊ और कानपुर नगर निगम के मेयर प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है। शिवसेना प्रदेश प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह ने रविवार को बताया, “उन्होंने लखनऊ से रीता सिंह और कानपुर से सुमन मिश्रा को मेयर प्रत्याशी घोषित किया है। शिवसेना ने सभी नगर निगम में मेयर प्रत्याशी का टिकट फाइनल किया है। शेष प्रत्याशियों की घोषणा छह नवंबर को की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि शिवसेना मुंबई की तर्ज पर निकाय चुनाव लड़ेगी। चुनाव में आदित्य ठाकरे व संजय राउत सांसद प्रचार में आएंगे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी दांव खेलते हुए निकाय चुनावों के पहले चरण में कुल 25 मुसलमानों को उम्मीदवार बनाया है। दूसरे और तीसरे चरण तक मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है क्योंकि इस चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव होंगे, जहां मुस्लिमों की आबादी ज्यादा है। टीओआई के मुताबिक बीजेपी ने राजधानी लखनऊ के मलीहाबादी नगर पंचायत चुनाव में पांच मुस्लिमों को मैदान में उतारा है।

दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (आप) के घोषित विद्यावती द्वितीय के पार्षद प्रत्याशी प्रवीण विश्वकर्मा ने पार्टी नेता गौरव महेश्वरी और सरोजनी नगर पर्वेक्षक श्याम कुमार सिंह पर 40 हजार रुपए में टिकट बेचने का दावा किया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त को आप प्रत्याशी ने टिकट बेचने के संबंध में लिखित शिकायत करके पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की है। प्रवीण ने बताया, “उनसे आम आदमी पार्टी के लोगों ने चुनाव लड़ने के लिए संपर्क कर आग्रह किया। मैंने भी ईमानदार पार्टी समझकर विद्यावती तृतीय से पार्षद प्रत्याशी के लिए आवेदन किया। इसके बाद पर्वेक्षक श्याम कुमार सिंह ने पार्टी नेता गौरव महेश्वरी से मिलवाया और बात कराया, जिसमें गौरव महेश्वरी और पर्वेक्षक श्याम कुमार सिंह ने 40 हजार रुपए की मांग करते हुए कहा कि अगर टिकट चाहिए तो देना ही पड़ेगा। क्योंकि मेयर का चुनाव भी इन्हीं पैसों से लड़वाना है।” इस प्रकार से उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में राजनीतिक पार्टियों को जोड़-तोड़ शुरू हो गई है।

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