शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय जाधव ने ‘औरंगजेब’ वाली टिप्पणी को लेकर बीजेपी पर पलटवार किया है। जाधव ने कहा है कि बीजेपी को हिंदुत्व पर उपदेश नहीं देना चाहिए क्योंकि उसने महाराष्ट्र की दो नगर परिषदों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया था।
बीजेपी ने शिवसेना (यूबीटी) के उस फैसले की आलोचना की थी जिसमें पार्टी ने परभणी में महापौर पद के लिए सैयद इकबाल को उम्मीदवार बनाया था।
क्या कहा था बीजेपी ने?
बीजेपी ने आरोप लगाया था कि शिवसेना (यूबीटी) ने ऐसा करके मराठी मानुष की अनदेखी की है। कांग्रेस के समर्थन से सैयद इकबाल परभणी के नए महापौर चुने गए हैं। उन्होंने बीजेपी की उम्मीदवार तिरुमला खिल्लारे को 13 वोटों से हराया था।
परभणी के चुनाव के बाद महाराष्ट्र बीजेपी के प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा था, “उद्धव ठाकरे परभणी में औरंगजेब के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वे चुनाव से पहले मराठी मानुष का नाम लेते हैं लेकिन जब महापौर बनाने का समय आता है तो मुस्लिम उम्मीदवार को उतारते हैं।”
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परभणी के सांसद जाधव ने कहा कि बीजेपी ने अकोला जिले की अकोट नगर परिषद और अमरावती जिले की अचलपुर नगर परिषद के चुनाव में एआईएमआईएम और अन्य दलों के साथ गठबंधन किया था। उन्होंने कहा, “हमने एआईएमआईएम के साथ हाथ नहीं मिलाया, जैसा बीजेपी ने अकोट और अचलपुर में किया। इसलिए उसे हमें हिंदुत्व का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए। जब-जब हिंदुत्व के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत पड़ी, तब-तब बाल ठाकरे के शिवसैनिक मैदान में उतरे, जबकि वे (बीजेपी) घर पर बैठे थे। यदि वे हमारे खिलाफ औरंगजेब का नाम लेते हैं, तो क्या हम उन्हें अफजल खान कहें, क्योंकि वे अकोट और अचलपुर में एआईएमआईएम के साथ गए थे?”
बीजेपी की ‘बी टीम’ है एआईएमआईएम- जाधव
संजय जाधव ने दावा किया कि एआईएमआईएम बीजेपी की ‘बी टीम’ है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुस्लिम समुदाय ने शिवसेना (यूबीटी) का समर्थन किया जबकि उसने एआईएमआईएम का साथ नहीं दिया, क्योंकि उसने ओवैसी की पार्टी को बीजेपी की ‘बी टीम’ के रूप में पहचान लिया था। जाधव ने कहा, “इसलिए हमने उन्हें (इकबाल को) महापौर पद दिया। अगली बार जब नया महापौर चुना जाएगा, तो हम हिंदू उम्मीदवार को उतारेंगे।”
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