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‘महात्मा’ अर्णब गोस्वामी की तरह अमित शाह का समर्थन नहीं करती है BJP- Shivsena का निशाना

अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा उद्धव ठाकरे सरकार की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकाल से कर रही है। इस पर खुशी जताते हुए महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि 'इंदिरा गांधी के साथ तुलना सम्मान की बात है।

amit shah, arnab goswami, bjp, maharashtraभाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री अमित शाह। (फाइल फोटो)

पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी अर्नब के समर्थन में उतरी है, उस पर महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी शिवसेना ने तंज कसा है। शिवसेना ने कहा कि ‘भाजपा ने गोधरा कांड के बाद अमित शाह का भी इस तरह से समर्थन नहीं किया था, जिस तरह से वह ‘महात्मा’ अर्नब गोस्वामी का कर रही है।’

अपने मुखपत्र सामना में लिखे एक लेख में शिवसेना ने लिखा कि गुजरात में अमित शाह समेत कई नेताओं को जब गोधरा कांड (2002) और अन्य मामलों में जो विरोध झेलना पड़ा था, उसके बाद शाह ने कहा था कि उनके खिलाफ साजिश की गई है। लेकिन उस वक्त भाजपा ने कोई आंदोलन नहीं किया था और ना ही सड़कों पर उतरकर कानून को चुनौती दी थी।

बता दें कि हाल ही में मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के एमडी और एडीटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को मई 2018 के आत्महत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया है। भाजपा ने इस गिरफ्तारी की आलोचना की है और अर्नब की गिरफ्तारी की तुलना आपातकाल से कर दी है। इसी पर शिवसेना ने नाराजगी जाहिर की है।

शिवसेना का कहना है कि “अर्नब गोस्वामी मामले की सुनवाई चल रही है, वहीं प्रदेश भाजपा अपना संतुलन खो बैठी है। भाजपा का कहना है कि जब तक महात्मा अर्नब गोस्वामी की रिहाई नहीं हो जाती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। राहत की बात है कि अभी तक भाजपा ने जेल भरो आंदोलन और भूख हड़ताल शुरू नहीं की है।”

अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा उद्धव ठाकरे सरकार की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकाल से कर रही है। इस पर खुशी जताते हुए महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि ‘इंदिरा गांधी के साथ तुलना सम्मान की बात है। उन्होंने पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए बांग्लादेश बनाया। आपातकाल के बाद जनता ने उन्हें नकार दिया लेकिन उन्हों लोगों ने उन्हें फिर से सत्ता में पहुंचाया। बाद में उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी।’

शिवसेना ने सामना के लेख में केन्द्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा से ये भी पूछा कि “अर्नब गोस्वामी ने जिस तरह से संविधानिक पद पर बैठे लोगों के खिलाफ कठोर भाषा का इस्तेमाल किया, क्या वह उन्हें स्वीकार्य है?”

उल्लेखनीय है कि साल 2018 में एक आर्किटेक्ट अन्वय नाईक और उनकी बुजुर्ग मां कुमुद नाईक ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अर्नब गोस्वामी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। इसी मामले में अब मुंबई पुलिस ने अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया है।

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