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‘मोदी जी के ऊपर तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता’, हत्‍या की धमकियों पर शिवसेना ने ली चुटकी

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' और 'दोपहर का सामना' में कहा कि पुणे पुलिस को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए और सरकार को भी उन्हें इस तरह की मूर्खतापूर्ण बयान देने से रोकना चाहिए।

Author September 3, 2018 5:27 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स- पीटीआई)

शिवसेना ने सोमवार को महाराष्ट्र पुलिस द्वारा पिछले सप्ताह पांच वाम कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने पर सवाल उठाया। शिवसेना ने चुटकी लेते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता। पुलिस ने दावा किया था कि इन कार्यकताओं ने केंद्र व राज्य सरकारों को उखाड़ फेंकने और पूर्व राजीव गांधी की हत्या की शैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की साजिश रची थी। शिवसेना ने कहा, “गिरफ्तारी के पीछे पुलिस का तर्क हास्यास्पद है..इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पूर्ववर्ती सरकार को जनता द्वारा वोटों से सत्ता से बेदखल किया था न कि वामपंथियों द्वारा।” इसने कहा, “अभी तक.. कम से कम लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकार को बदलना अभी भी संभव है।

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ और ‘दोपहर का सामना’ में कहा कि पुणे पुलिस को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए और सरकार को भी उन्हें इस तरह की मूर्खतापूर्ण बयान देने से रोकना चाहिए। शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजीव गांधी की शैली में निशाना बनाए जाने के पुलिस के बयान पर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी निडर और साहसी नेता थे..यह उनका साहस था, जिसके चलते उन्होंने जान गंवाई लेकिन मोदी इस तरह का साहस कभी नहीं दिखाएंगे।

सेना ने कहा कि मोदी को पहले से ही दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा प्राप्त है और यहां तक कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता और उनकी सुरक्षा में सेंध नहीं लगा सकता। पुलिस के तर्क को खारिज करते हुए महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल शिवसेना ने कहा कि अगर मुट्ठीभर वामपंथियों में इतनी राजनीतिक ताकत होती तो वे पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मणिपुर आदि में अपनी कम्युनिस्ट सरकार नहीं गंवाते।

वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महाराष्ट्र में सामाजिक कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मोदी सरकार की शुरू से यह रणनीति रही है। वे सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को देशद्रोही, हिंदू विरोधी जैसे लेबल दे देते हैं और यह सब एक साजिश के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य समाज को बांटकर रखना है।

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