scorecardresearch

सामना में भड़की शिवसेना: नई सरकार का ख्‍वाब स्‍वप्‍नदोष जैसा, पार्टी के टिकट और पैसे पर चुनाव जीतने वाले बीजेपी के जाल में फंसे हैं

सामना के संपादकीय में यह भी कहा गया है कि यदि शिवसैनिक निर्णय लेते हैं, तो सभी बागी विधायक पूर्व विधायक होंगे और शिवसेना में विद्रोह के बारे में इतिहास यही बताता है। आगे कहा, “तो समय रहते बुद्धिमान बनें और सावधान रहें।”

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे। (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना के 37 विधायक और एकनाथ शिंदे असम के गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं, शिवसेना ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य में उथल-पुथल के पीछे भाजपा का हाथ है। पार्टी ने बागी विधायकों को सावधान और सतर्क रहने की सलाह देते हुए बुद्धिमानी से काम लेने की बात कही। शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक संपादकीय में कहा गया है कि जो विधायक पार्टी के टिकट पर पार्टी के कार्यकर्ताओं और उसके पैसे के बल पर निर्वाचित हुए हैं, वे भाजपा के चंगुल में फंस गए हैं और कहा है कि जो विधायक महाराष्ट्र में नई सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं, वह उनका सपना है।

इसमें आगे कहा गया है कि “भाजपा कह रही है कि उसका राजनीतिक घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन यह सिर्फ एक मजाक लगता है। क्योंकि उसके लोग सूरत के होटल में मौजूद थे। वहीं, असम के मंत्री ने बागी विधायकों का गुवाहाटी हवाई अड्डे पर स्वागत किया।”

संपादकीय ने कहा, ”विधायिका में जो होना है वह होगा, लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे की लोकप्रियता अपने चरम पर है और पार्टी का संगठन मजबूत है। हालांकि, अगर सभी विधायक फिर से चुनाव लड़ते हैं, तो उन्हें निश्चित रूप से महाराष्ट्र के लोगों से हार का सामना करना पड़ेगा। इन लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकती है।”

सामना के संपादकीय में यह भी कहा गया है कि यदि शिवसैनिक निर्णय लेते हैं, तो सभी बागी विधायक पूर्व विधायक होंगे और शिवसेना में विद्रोह के बारे में इतिहास यही बताता है। आगे कहा, “तो समय रहते बुद्धिमान बनें और सावधान रहें।”

सामना संपादकीय में कहा गया है, “आज भाजपा के लोग बागी विधायकों के साथ अत्यंत सावधानी से व्यवहार कर रहे हैं, लेकिन जब उनकी आवश्यकता समाप्त हो जाएगी तो काम पूरा होते ही वे उन्हें फिर से कूड़ेदान में फेंक देंगे। यह भाजपा की परंपरा रही है।” संपादकीय में बागियों से यह भी सवाल किया गया कि शिवसेना के टिकट पर जीतकर भी वे पार्टी के साथ बेईमानी कैसे कर सकते हैं और कहा कि उन्हें इन सवालों का जवाब देना होगा।

यह भी कहा कि शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और उनके साथ के अन्य विधायकों को पहले मुंबई आना होगा. विश्वास मत के समय उन्हें महाराष्ट्र के लोगों का सामना करने के लिए विधान भवन आना होगा। शिवसेना के 34 विधायकों ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना विधायक दल का नेता नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने प्रस्ताव में कहा, “एनसीपी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ शिवसेना के सरकार बनाने से पार्टी के कैडर में भारी असंतोष है। एनसीपी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वैचारिक रूप से हमारी पार्टी के विरोधी हैं।” इस बीच, उद्धव ठाकरे अपने आधिकारिक आवास वर्षा से अपने परिवार के मातोश्री बंगले में शिफ्ट हो गए हैं।

पढें राज्य (Rajya News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट