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शिवसेना की बीजेपी को चुनौती- नसों में दौड़ रहा असली हिंदू खून तो…

शिवसेना ने कहा है कि अगर एनडीए सरकार की नसों में 'असली हिंदू खून' मौजूद है तो वे जल्द से जल्द हिंदुत्व आइकन वीडी सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित करें।

Author नई दिल्ली | May 14, 2018 9:10 PM
शिवसेना नेता संजय राउत (फाइल फोटो)

बीजेपी पर शिवसेना का हमला लगातार जारी है। शिवसेना ने अब वीर सावरकर को लेकर महाराष्ट्र और केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया है। शिवसेना ने कहा है कि अगर एनडीए सरकार की नसों में ‘असली हिंदू खून’ मौजूद है तो वे जल्द से जल्द हिंदुत्व आइकन वीडी सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित करें। सेना ने यह भी आरोप लगाया कि एनडीए सरकार भारतीय जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरें देश भर के दफ्तरों और इमारतों में लगाती है, लेकिन सावरकर की फोटो के लिए कोई जगह नहीं है। शिवसेना ने कहा, ‘वर्तमान सरकार को सावरकर के लिए भारत रत्न का ऐलान करना चाहिए। अगर इनकी नसों में असली हिंदू खून दौड़ रहा हो तो…नहीं तो सरकार को यह घोषणा करनी चाहिए कि हिंदुत्व सिर्फ राजनीति करने के लिए है।’ शिवसेना नेता संजय राउत ने ये बातें पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के साथ रविवार को आने वाले सप्लिमेंट ‘उत्सव’ में कहीं।

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राउत ने लिखा, ‘यह दुख की बात है कि जिन्ना की तस्वीर को हटाने की मांग हो रही है। अब कुछ मुस्लिम संगठन चाहते हैं कि सावरकर की तस्वीरें हटाई जानी चाहिए। जिन्ना के समर्थक सावरकर की निंदा करते हैं। ऐसे मे सिर्फ एक सवाल यह उठता है कि देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न सावरकर को कब मिलेगा?’ राउत के मुताबिक, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हो रहा विवाद 2019 चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की साजिश है। राउत ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में छद्म सेक्युलरिज्म की अधिकता हो रही थी।

उन्होंने आशंका जताई कि वर्तमान सरकार में उसी तर्ज पर छद्म हिंदुत्व का पैटर्न न दिखे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जिन्ना या सावरकर से जुड़ा मुद्दा तभी उठता है, जब देश में कोई बड़ा चुनाव नजदीक आ रहा होता है। उन्होंने कहा, ‘यह एक रहस्य है। ऐसा लगता है कि कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर जैसे लोग ऐसे विवाद को शुरू करने में लग जाते हैं। इसकी निंदा की जानी चाहिए।’ बता दें कि महाराष्ट्र की सत्ता में सहयोगी होने के बावजूद शिवसेना काफी वक्त से बीजेपी से टकराव मोल लेती रही है। यह पहला मुद्दा नहीं है, जिसपर शिवसेना ने बीजेपी को निशाने पर लिया हो।

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