महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने की हो रही कोशिश, बिहार से लेकर दिल्ली तक रची जा रही साजिश, शिवसेना सांसद ने जताया रंज

राउत ने इससे पहले शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने लेख के जरिए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में विपक्ष बिहार पुलिस के साथ खड़ा है।

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सुशांत सिंह राजपूत, संजय राउत।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने सुशांत सिंह राजपूत केस में सीबीआई जांच बिठाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राउत ने आरोप लगाया है सीबीआई जांच का फैसला राजनीतिक फायदा उठाने के लिए लिया गया है और यह दबाव बनाने की कोशिश है। राज्यसभा सांसद राउत ने कहा कि यह महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ साजिश है। सुशांत केस में जिस तरह की राजनीति बिहार और दिल्ली में की जा रही है, मुझे लगता है यह महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ साजिश है। मुंबई पुलिस खुद क्षमतावान है और सच बाहर लाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही है।

इससे पहले शिवसेना के मुखपत्र अखबार ‘सामना’ के स्थानीय संपादक संजय राउत ने अपने साप्ताहिक कॉलम रोकठोक में कहा कि सुशांत सिंह राजपूत का केस सीबीआई को सौंपना राज्य की स्वायत्ता पर हमला है। उन्होंने सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल की बात उठाते हुए कहा कि इस मामले में केंद्र का दखल मुंबई पुलिस की बेइज्जती जैसा है। राउत ने कहा कि सीबीआई एक केंद्रीय एजेंसी है, यह कई बार साबित हो चुका है कि यह एजेंसी स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं है।

संजय राउत यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, “कई राज्य सरकारों ने सीबीआई को बैन कर दिया है। पश्चिम बंगाल में जब सीबीआई ने शारदा चिंट फंड केस में हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो लोगों ने सड़कों पर उतरकर एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।”

अपने बयान में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का जिक्र करते हुए राउत बोले- “यहां तक की पीएम मोदी और अमित शाह भी जब गुजरात की राजनीति में सक्रिय थे, तब वे भी सीबीआई के बारे में यही राय रखते थे। उन्होंने 2002 में गोधरा कांड और उसके बाद हुए दंगों के मामले के ट्रांसफर का विरोध किया था। इसमें क्या गलत है अगर सुशांत सिंह राजपूत के केस के सीबीआई को ट्रांसफर किए जाने पर वैसी ही (मोदी-शाह जैसी) भावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।”

जांच में देरी के लिए मुंबई पुलिस पर भी साधा निशाना: राउत ने मुंबई पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए सुशांत मामले की जांच में देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह जांच करना जरूरी है कि कहीं यह मामला बॉलीवुड को आतंकित करने के लिए तो नहीं इस्तेमाल किया जा रहा। पुलिस को हर दूसरे दिन इस केस से जुड़ी बातें मीडिया ब्रीफिंग में बतानी चाहिए थीं। एक राज्यमंत्री का नाम इस केस से जोड़े जाने के बाद पुलिस ज्यादा दबाव में आ गई। पुलिस को कहना चाहिए था कि अगर उन्हें इस मामले का किसी राजनेता या मंत्री से कनेक्शन मिलता है, तो उसका बयान भी दर्ज कराया जाएगा। सिर्फ बॉलीवुड स्टार्स को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाकर पुलिस ने बकवास को बढ़ावा दिया है।

भाजपा पर भी साधा निशाना: राउत ने कहा, “भाजपा ने केस को एक राज्यमंत्री से जोड़कर मामले का राजनीतिकरण कर दिया है।” गौरतलब है कि महाराष्ट्र में विपक्ष ने हाल ही में इस मामले को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे से भी जोड़ दिया था। इस पर शिवसेना एमपी बोले- “ऐसा लगता है कि पूरा मामला ही पूर्व नियोजित था। विपक्ष आदित्य ठाकरे का नाम इलिए जोड़ रहा है, क्योंकि उनके बॉलीवुड एक्टर्स से अच्छे रिश्ते हैं। विपक्ष लगातार बिहार पुलिस के साथ खड़ा रहा है। वे औ मीडिया इस वक्त कठिन समय से गुजर रहे दिशा सालियान की मौत और उनके परिवार के प्रति भी असंवेदनशील रहे हैं।”

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