कांग्रेस-NCP कर रहीं नेतृत्व कमजोर, PM के जाएं करीब…CM उद्धव को शिवसेना MLA का खत

ईडी की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में जांच का सामना कर रहे शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने कहा- “राकांपा नेताओं के पीछे कोई केंद्रीय एजेंसी नहीं लगी है, लगता है उन्हें केंद्र का परोक्ष समर्थन मिला है।”

Pratap Sarnaik, Uddhav Thackeray
शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने महाराष्ट्र सीएम और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी।

महाराष्ट्र में सत्तासीन महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यह बात पता चलती है शिवसेना के एक कद्दावर नेता प्रताप सरनाईक के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे गए पत्र से। दरअसल, सरनाईक ने इस चिट्ठी में केंद्रीय जांच एजेंसियों का डर दिखाने के साथ कांग्रेस और राकांपा को मौका परस्त पार्टियां करार दिया है।

चिट्ठी में क्या बोले हैं प्रताप सरनाईक?: प्रताप सरनाईक की इस चिट्ठी के पर 1 जून की तारीख पड़ी है। खत में उन्होंने महाविकास अघाड़ी की साथी पार्टियों को घेरते हुए कहा, “राकांपा और कांग्रेस अपना खुद का सीएम चाहते हैं। कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ना चाहती है और राकांपा शिवसेना से नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रही है। ऐसा लगता है कि राकांपा को केंद्र सरकार से परोक्ष रूप से समर्थन हासिल है, क्योंकि राकांपा नेताओं के पीछे कोई केंद्रीय एजेंसी नहीं लगी है।

उनकी चिट्ठी में आगे लिखा है, “हम आप पर और आपके नेतृत्व पर पूरा भरोसा करते हैं, लेकिन कांग्रेस और राकांपा हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश में जुटे हैं। मेरा मानना है कि अगर आप पीएम मोदी के करीब जाते हैं, तो बेहतर होगा। अगर हम एक बार फिर साथ आ गए तो यह पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए फायदेमंद होगा।”

उन्होंने केंद्र की कानूनी जांच का डर जताते हुए कहा, “बिना किसी गलती के सेंट्रल एजेंसियां हमें निशाना बना रही हैं, अगर आप पीएम मोदी के करीब आते हैं तो रवींद्र वायकर, अनिल परब, प्रताप सरनाईक जैसे नेताओं और उनके परिवारों की पीड़ा समाप्त हो जाएगी। यह कार्यकर्ताओं की भावना है।”

सरनाईक ने क्यों दिखाया केंद्रीय एजेंसियों का डर?: बता दें कि प्रताप सरनाईक वही नेता हैं, जिन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के लिए पिछले साल अर्नब गोस्वामी के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था। उनके इस कदम के कुछ दिनों बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके घर और दफ्तरों पर छापेमारी की थी। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके बाद ईडी ने कई बार उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजे और उन पर पेश न होने के आरोप लग चुके हैं।

एक दिन पहले ही भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने दावा किया था कि मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे प्रताप सरनाईक उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री में छिपे हैं। उन्होंने ठाणे वर्तक नगर पुलिस स्टेशन में सरनाईक के गुमशुदा होने की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। बता दें कि सरनाईक ठाणे के ओवला-माजिवाडा क्षेत्र से विधायक हैं।

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