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#MeToo के समर्थन में उद्धव ठाकरे, दशहरा रैली में बोले- राम मंदिर बनाओं नहीं तो हम बनवाएंगे

शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''हम चेतावनी दे रहे हैं कि जिन्हें लग रहा है कि हिंदुत्व मर रहा है, हम अभी जिंदा हैं, हम इस बात से दुखी हैं कि राम मंदिर का निर्माण अभी नहीं हो सका।'' उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार अगर राम मंदिर का निर्माण नहीं करा रही है तो वह बनवाएंगे।

मुंबई के शिवाजी पार्क में गुरुवार (18 अक्टूबर) को दशहरा रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

मुंबई में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह #MeToo आंदोलन का समर्थन करते हैं। उद्धव ने कहा, ”हमारी पार्टी उन सभी महिलाओं के साथ खड़ी है जिन्होंने यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के बारे में बोला।” शिवाजी पार्क में शिवसेना की परंपरागत दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ने अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की भी बात उठाई। उन्होंने कहा कि वह 25 नवंबर को अयोध्या दौरे पर जाएंगे। शिवसेना प्रमुख ने कहा, ”हम चेतावनी दे रहे हैं कि जिन्हें लग रहा है कि हिंदुत्व मर रहा है, हम अभी जिंदा हैं, हम इस बात से दुखी हैं कि राम मंदिर का निर्माण अभी नहीं हो सका।” उद्धव ठाकरे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार अगर राम मंदिर का निर्माण नहीं करा रही है तो वह बनवाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उद्धव ने कहा, ”राम मंदिर बनाओ नहीं तो हम बनाएंगे, यह एक पवित्र काम है, अगर आप मंदिर नहीं बना सकते तो आपके डीएनए में कुछ गड़बड़ है।” रैली में उद्धव ने कहा कि रावण हर वर्ष आता है लेकिन राम मंदिर नहीं आता है।

ठाकरे ने राम मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम कई देशों के दौरे पर जाते हैं लेकिन अयोध्या नहीं गए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा राम मंदिर को लेकर आए बयान की उद्धव ठाकरे ने सराहना की। बता दें कि गुरुवार (18 अक्टूबर) को राम मंदिर निर्माण के एजेंडे को प्रमुखता से रखते हुए भागवत ने जल्द से जल्द उचित कानून लाकर मंदिर बनाने पर जोर दिया। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 93वें स्थापना दिवस पर वार्षिक विजयादशमी संबोधन में भागवत ने कहा, “राम मंदिर रामजन्मभूमि पर जल्द से जल्द बनाया जाना चाहिए। अब इसमें देरी नहीं करनी चाहिए। इसपर निर्णय जल्द से जल्द लेना चाहिए। हमारा कहना है कि सरकार को कानून लाना चाहिए और राम मंदिर का निर्माण करवाना चाहिए। इस संबंध में संतों का जो भी निर्णय होगा, हम उसके साथ खड़े होंगे।”

संघ प्रमुख ने आगे कहा, “भगवान राम किसी समुदाय के नहीं है। वह हिंदुओं और मुस्लिमों के नहीं हैं। वह भारत के प्रतीक हैं। उनके मंदिर का निर्माण अवश्य ही होना चाहिए, चाहे किसी भी तरह हो। सरकार को कानून लाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “मामला अदालत में है। इसमें लगातार देरी पर देरी होती जा रही है। इसमें और कितना देरी किया जाएगा? हिंदु समुदाय लंबे समय से मंदिर के निर्माण का इंतजार कर रहा है। लोग इसके बारे में तथ्य जानते हैं। लेकिन कुछ लोग इसपर राजनीति करते हैं। वे लोग प्रक्रिया में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं। अगर वहां राजनीति नहीं की गई होती, तो मंदिर बहुत पहले बन गया होता। इसका निर्माण सबके साथ सहयोग और समन्वय स्थापित करके होगा।”

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