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Maharashtra में President Rule लगाना पहले से तय था, अब मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं फडणवीस; शिवसेना का तंज

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने से शिवसेना ने राज्यपाल और बीजेपी पर हमला बोला है। 'सामना' के जरिए से शिवसेना ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति शासन लगाने की पटकथा पहले से तैयार की गई थी।

Author मुंबई | Published on: November 14, 2019 1:14 PM
बीजेपी और शिव सेना (सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

शिवसेना ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और केंद्र की सरकार बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति शासन लगाने की ‘पटकथा पहले ही लिख’ दी गई थी। पार्टी ने राज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अब पार्टियों को सरकार बनाने के लिए छह महीने का समय दे दिया है। मामले में पार्टी ने यह भी कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहा रहे हैं क्योंकि सत्ता अब भी परोक्ष रूप से भाजपा के हाथ में ही है। बता दें कि राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी द्वारा बहुमत साबित नहीं करने पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगा दिए थे। इस पर शिवसेना ने यह बयान दिया है।

‘सामना’ से शिवसेना ने साधा निशानाः शिवसेना को सरकार बनाने का दावा जताने के लिए महज 24 घंटे का वक्त दिए जाने तथा अतिरिक्त समय दिए जाने से इनकार करने पर राज्यपाल की आलोचना की है। आलोचना करते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में संपादकीय में कहा, ‘ऐसा लग रहा है कि कोई अदृश्य शक्ति इस खेल को नियंत्रित कर रही है और उसके अनुसार फैसले लिए गए।’ बता दें कि महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध के बीच मंगलवार (12 नवंबर) की शाम को राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। इस पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने केन्द्र को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजूदा हालात में राज्य में स्थिर सरकार के गठन के उनके तमाम प्रयासों के बावजूद यह असंभव प्रतीत हो रहा है।

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शिवसेना ने लगाया प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने का आरोपः शिवसेना ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह सरकार गठन के लिए दावा जताने के वास्ते और समय मांगने राज भवन गई तो प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। मराठी पत्र में कहा गया है कि राज्यपाल ने 13वीं विधानसभा खत्म होने का इंतजार किया। अगर उन्होंने पहले सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू की होती तो राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने का उनका कदम ‘नैतिक रूप से सही’ मालूम होता।

शिवसेना तंज कसते हुए राज्यपाल को बताया दयालुः शिवसेना ने तंज किया, ‘राज्यपाल इतने दयालु हैं कि उन्होंने अब हमें छह महीने का वक्त दिया है।’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाने की पटकथा पहले ही तैयार थी। यह पहले ही तय था।’ उसने यह भी कहा कि राज्यपाल पहले आरएसएस कार्यकर्ता थे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। लेकिन महाराष्ट्र भूगोल और इतिहास की दृष्टि से बड़ा राज्य है।

शिवसेना ने सीएम फड़णवीस पर भी साधा निशानाः उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा, ‘जब राज्यपाल ने सरकार गठन का दावा जताने के लिए 48 घंटे का समय देने से इनकार कर दिया तब लोगों को लगा कि जिस तरह से वह काम कर रहे हैं उसमें कुछ तो गलत है।’ शिवसेना ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद फड़णवीस ने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ घटना बताया है। बता दें कि संपादकीय में यह भी कहा गया है कि अगर फड़णवीस ने राष्ट्रपति शासन के फैसले की निंदा की होती तो यह कहा जा सकता था कि उनके इरादे नेक हैं।

‘सामना’-मगरमच्छ के आंसू बहा रहे सीएमः ‘सामना’ के माध्यम से शिवसेना ने सीएम फड़णवीस को मगरमच्छ के आंसू बहाना बताया। ‘सामना’ के अनुसार, ‘पूर्व मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि क्या राष्ट्रपति शासन से महाराष्ट्र में निवेश पर असर पड़ेगा। फड़णवीस मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। अगर कोई राज्य में राष्ट्रपति शासन पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है तो यह तमाशा है।’ इसमें यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी सत्ता परोक्ष रूप से भाजपा के हाथों में है।

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