Shiv Sena alleges BJP’s alliance with EC, EVM trickery led to Palghar win - Jansatta
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शिवसेना का बीजेपी पर आरोप- चुनाव आयोग से गठबंधन और कचरे जैसी EVM की गड़बड़ी के चलते BJP जीत पाई पालघर सीट

महाराष्ट्र की पालघर लोकसभा सीट पर हुए उप - चुनाव में भाजपा को मिली जीत के एक दिन बाद इसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने आज आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ भाजपा के गठबंधन , पुलिस तंत्र के इस्तेमाल और ‘ कचरे जैसी ’ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी के कारण उसे जीत मिली।

Author मुंबई | June 1, 2018 6:42 PM
शिवसेना ने आज आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ भाजपा के गठबंधन , पुलिस तंत्र के इस्तेमाल और ‘ कचरे जैसी ’ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी के कारण उसे जीत मिली।

महाराष्ट्र की पालघर लोकसभा सीट पर हुए उप – चुनाव में भाजपा को मिली जीत के एक दिन बाद इसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने आज आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ भाजपा के गठबंधन , पुलिस तंत्र के इस्तेमाल और ‘ कचरे जैसी ’ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी के कारण उसे जीत मिली। शिवसेना ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने राज्य के भंडारा – गोंदिया लोकसभा उप – चुनाव में भाजपा को हराया और उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर हुए उप – चुनाव में वोटरों ने भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को करारी मात दी। अपने मुखपत्र ‘ सामना ’ में शिवसेना ने कहा , ‘भाजपा को देश की नौ विधानसभा सीटों में से आठ पर धूल चाटनी पड़ी।

पार्टी ने कहा , ‘‘ भाजपा ने देश भर में लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव हारे हैं। लेकिन पालघर (लोकसभा क्षेत्र) में जीत चुनाव आयोग के साथ (भाजपा के) गठबंधन का नतीजा है। ’’ शिवसेना ने कहा कि पालघर सीट जीत के लिहाज से मुश्किल सीट थी और भाजपा ने जीत के लिए ‘ साम दाम दंड भेद ’ की नीति अपनाई।

कांग्रेस के पूर्व नेता राजेंद्र गावित को भाजपा ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने 2,72,782 वोटों से यह उप – चुनाव जीता। उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी और शिवसेना उम्मीदवार श्रीनिवास वनगा को 2,43,210 वोट मिले।

उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना ने कहा , भाजपा को पालघर में ऐसा कोई उम्मीदवार नहीं मिला जो इसकी हिंदुत्व की विचारधारा को सूट करता हो? इसलिए कांग्रेस के एक नेता का ‘ शुद्धिकरण ’ किया गया और पार्टी में शामिल किया गया। फिर उन्होंने गावित की जीत के लिए (वोटरों को) पैसे बांटे।

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