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शिमला गैंगरेप केस: कस्टडी में आरोपी की मौत के बाद IG और DSP समेत आठ पुलिसकर्मी गिरफ्तार

4 जुलाई को एक दसवीं क्लास की लड़की को शिमला से 56 किमी दूर कोटखाई में आरोपियों ने लिफ्ट दी थी। इसके बाद नजदीकी जंगल में ले जाकर उससे रेप किया और फिर हत्या कर दी।

लड़की से बलात्कार को लेकर विरोध प्रदर्शन करते लोग।

शिमला गैंगरेप मामले में सीबीआई ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आईजी और डिप्टी एसपी समेत 8 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कस्टडी में आरोपी की मौत के बाद सीबीआई ने यह कदम उठाया है। आरोपी की मौत में आईजी जहूर एच जैसी और अन्य अफसरों की भूमिका के मद्देनजर उनसे पूछताछ की गई। 22 जुलाई को सीबीआई ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक आईजी और डिप्टी एसपी मनोज जोशी व अन्य पुलिस अफसरों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी पता किया जाएगा कि कस्टडी में मौत में यह शामिल थे या नहीं। 4 जुलाई को एक दसवीं क्लास की लड़की को शिमला से 56 किमी दूर कोटखाई में आरोपियों ने लिफ्ट दी थी। इसके बाद नजदीकी जंगल में ले जाकर उससे रेप किया और फिर हत्या कर दी।

शव को दो दिनों के बाद बरामद किया गया था। लड़के के शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले थे। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इस रेप और मर्डर के बाद शिमला में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध हुआ था और पुलिस पर इस कांड में शामिल बड़े घरों के बच्चों को बचाने का आरोप लगा था। बाद में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सीबीआई से गैंगरेप और कस्टडी में हुई मौत की जांच करने को कहा था।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजिंदर सिंह समेत आशीष चौहान, सुभाष बिष्ठ, दीपक कुमार, सूरज सिंह और लोकजन को गिरफ्तार किया था। राजिंदर ने 19 जुलाई को अपने एक सह आरोपी की ‍पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी थी। इस रेप और मर्डर के बाद शिमला में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध हुआ था और पुलिस पर इस कांड में शामिल बड़े घरों के बच्चों को बचाने का आरोप लगा था।

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