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पूरी तरह असफल साबित होगी सम-विषम योजना : शीला

अरविंद केजरीवाल की ‘सम विषम कार योजना’ को बेकार बताते हुए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शनिवार को कहा कि यह पूरी तरह असफल साबित होगी और इससे राजधानी की सड़कों पर समस्या और बढ़ेगी..

Author जलंधर | December 27, 2015 5:13 AM
शीला दीक्षित (दाएं) और अरविंद केजरीवाल (बाएं)।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ‘सम विषम कार योजना’ को बेकार बताते हुए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शनिवार को कहा कि यह पूरी तरह असफल साबित होगी और इससे राजधानी की सड़कों पर समस्या और बढ़ेगी। जलंधर स्थित लवली प्रोफेशनल युनिवर्सिटी में आयोजित ‘इंदिरा गांधी नेशनल मॉडल युनाइटेड नेशंस कांफ्रेंस’ में शिरकत करने आर्इं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने पत्रकारों से कहा, ‘सम-विषम कार योजना पूरी तरह बेकार योजना है। इससे प्रदूषण में कोई कमी नहीं आएगी और यह योजना असफल साबित होगी’।

शीला ने कहा, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री (अरविंद केजरीवाल) की स्थिति इस योजना पर स्पष्ट नहीं है। वे कह रहे हैं कि 15 दिन तक वे इसे देखेंगे। इसका मतलब है कि उन्हें भी इस योजना के सफल होने पर संदेह है। मेरा मानना है कि इससे भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा’।

दिल्ली में 15 साल तक सरकार चला चुकीं शीला ने कहा, ‘इससे दिल्ली की समस्या और बढ़ेगी। राजधानी की सड़कों पर और जाम लगेगा। इतना ही नहीं, बाहर से आने वाले कार चालकों को भी समस्या होगी। ऐसे लोग अपनी कार कहां पार्क करेंगे। इसके लिए वालंटियर्स की मदद ली जाएगी। वे कैसे इसे संभाल पाएंगे जिन्हें कोई प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया है’।

अरविंद केजरीवाल से चुनाव हारने वालीं शीला ने कहा कि अरविंद को प्रदूषण कम करने या रोकने के लिए एक बेहतर और समग्र योजना विचार-विमर्श के बाद लेकर आना चाहिए था, न कि आनन फानन में सिर्फ देखने के लिए योजना लागू करनी चाहिए थी’। शीला ने कहा कि दिल्ली एक ऐसा राज्य है जिसे चलाना सबके बस की बात नहीं है। दिल्ली में बेहतर सरकार केवल और केवल कांग्रेस ही दे सकती है। अन्य लोग केवल दावा कर सकते हैं।

इससे पहले कांफ्रेंस में शीला ने कहा, ‘इस कांफ्रेंस का लक्ष्य हर आम और खास के रहने के लिए इस संसार को बेहतर बनाने का है और इसमें महिलाओं का योगदान महती हो सकता है’। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘महिलाओं में शक्ति, सहनशीलता, साहस और सहानुभूति बहुतायत में होती है। पूरी तरह से समान अवसर मिलने पर महिलाएं एक बेहतर संसार की संरचना बड़ी आसानी से कर सकती हैं’।

कार्यक्रम में पंजाब के पूर्व राज्यपाल शिवराज पाटील ने कहा, ‘हमें अपनी दृष्टि को और विचारों को बढ़ाने की आवश्यकता है और पूरी दूनिया में हमें अपनी आवाज बुलंद करनी होगी जिससे कि गलतियां करने वाले खुद ठीक हो जाए। इसके लिए हमें अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूरी जिम्मेदारी के साथ करना होगा’।

गृह मंत्री रह चुके पाटील ने यह भी कहा, ‘हमें न केवल अपने देश, बल्कि पूरे संसार और अंतरिक्ष तक की बेहतरी करने के लिए काम करना होगा। पर्यावरण के क्षेत्र में सबको योगदान देने की जरूरत है और हमें विकास के लिए पर्यावरण के प्रति अधिक सचेत रहना चाहिए’।

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