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रास्ता चुनने के लिए आजाद हैं शरद: नीतीश कुमार

बिहार में महागठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ हाथ मिलाने के फैसले पर जनता दल (एकी) में घमासान तेज हो गया है।
Author नई दिल्ली | August 12, 2017 00:32 am
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (FILE PHOTO)

बिहार में महागठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ हाथ मिलाने के फैसले पर जनता दल (एकी) में घमासान तेज हो गया है। बगावत करने वाले शरद यादव और उनके साथियों के बारे में पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के पहले उन्होंने कहा, ‘शरद यादव अपना फैसला लेने के लिए आजाद हैं। वह अपनी राह चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। वह किसके प्रति वफादार रहना चाहते हैं, इसका फैसला खुद कर सकते हैं। भाजपा के साथ गठबंधन का फैसला पूरी पार्टी की सहमति से लिया गया है।’ दूसरी तरफ, बिहार में कार्यकर्ताओं से संपर्क अभियान पर निकले बागी नेता शरद यादव ने दावा किया है, ‘असली जनता दल (एकी) मेरे साथ है, जबकि सरकार पार्टी नीतीश के साथ है। असली जद (एकी) धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ मिलकर आम चुनाव में सरकार बनाएगी।’

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (एकी) के नेता नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन का यह फैसला अकेले मैंने नहीं लिया। इस पर पूरी पार्टी की सहमति है। मैंने पहले भी यह साफ कर दिया था, लेकिन फिर भी शरद यादव अपनी राय जाहिर करना चाहते हैं, तो वह इसके लिए आजाद हैं। गठबंधन करने का फैसला काफी सोच-विचार और सबकी सहमति से किया गया है। इसके बाद भी किसी को कोई ऐतराज है तो वह पार्टी मंच पर अपनी नाराजगी जाहिर कर सकता है। उन्होंने कहा कि शरद यादव पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। वह अपनी राह चुनने के लिए स्वतंत्र है। हालांकि, शरद यादव पर पार्टी की संभावित कार्रवाई को लेकर नीतीश कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया।
संसद भवन में प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि वह अगस्त के आखिर तक दोबारा प्रधानमंत्री से मिलेंगे। बिहार के मुद्दों और विकास योजनाओं पर चर्चा हो रही है। नीतीश ने पटना में 19 अगस्त को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में भाजपा नीत गठबंधन में जद (एकी) के शामिल होने की घोषणा की जा सकती है। क्या उनकी पार्टी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होगी? नीतीश कुमार ने कहा कि यह तय है। जब हमलोग बिहार में एक साथ सरकार में हैं, तो केंद्र में भी होंगे। जद (एकी) के लोकसभा में दो और राज्यसभा में 10 सदस्य हैं।

प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार की मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव के बागी तेवरों को देखते हुए प्रधानमंत्री से मिलने आए थे। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को भी लेकर उनकी बातचीत हुई है। भाजपा के साथ जाने के नीतीश कुमार के फैसले को लेकर नाराज बताए जा रहे शरद यादव अपने तीन दिवसीय यात्रा पर गुरुवार से बिहार में हैं। शरद यादव पिछले कुछ समय से लगातार विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। बिहार में अपनी यात्रा के दूसरे दिन शरद यादव ने कहा कि बिहार में पांच साल तक गठबंधन चलाने की सहमति बनी थी। वायदा तोड़ा गया। यादव के मुताबिक, महागठबंधन और भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग घोषणापत्र पेश किए थे। शरद यादव के मुताबिक, महागठबंधन तोड़कर जनता के साथ छल किया गया है। शरद यादव को लेकर नीतीश कुमार के करीबी नेता केसी त्यागी ने कहा कि यादव अब अपना रास्ता चुनते प्रतीत हो रहे हैं। उनके कार्यक्रमों की व्यवस्था लालू प्रसाद की पार्टी राजद के लोग कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या शरद यादव के के खिलाफ पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी? त्यागी ने कहा कि अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है। पार्टी इस बारे में विचार कर फैसला करेगी।

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  1. R
    Ravi Arya
    Aug 13, 2017 at 4:15 pm
    Again election karva lo aukat samjh me as jayagi
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